

Rohit Pawar Meets DGP Sadanand Date: विधायक रोहित पवार ने मुंबई स्थित पुलिस मुख्यालय में DGP सदानंद दाते से मिलकर दो अलग-अलग प्रतिनिधिमंडलों की समस्याओं को उनके सामने रखा। इस दौरान उन्होंने कानून-व्यवस्था की स्थिति और सुरक्षा बलों के मानदेय जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की।
रोहित पवार ने जलगांव (गोंडगांव) और सतारा (सासपडे) की उन पीड़ित बच्चियों के परिवारों के साथ DGP से मुलाकात की, जिनके साथ अत्याचार के बाद हत्या कर दी गई थी। पवार ने बताया कि न्याय मिलने में हो रही देरी के कारण ये परिवार काफी निराश हैं। एक संवेदनशील अधिकारी के तौर पर सदानंद दाते ने परिवारों की व्यथा सुनी और तत्काल जलगांव एवं सतारा के पुलिस अधीक्षकों (SP) को उचित कार्रवाई के निर्देश दिए। रोहित पवार ने जोर देकर कहा कि हर पीड़ित परिवार मुख्यालय तक नहीं पहुँच सकता, इसलिए राज्य में कठोर शक्ति कानून लागू करना अनिवार्य है।
मुलाकात का दूसरा मुख्य एजेंडा राज्य के 40 हजार होमगार्ड्स और MSF जवानों की बदहाली था। रोहित पवार ने उनकी मांगों को मजबूती से रखा, राज्य में 40,000 होमगार्ड्स पुलिस का बोझ कम करते हैं, लेकिन उन्हें साल में केवल 2-3 महीने ही काम मिलता है। उन्हें समय पर भत्ता नहीं मिलता। उनकी मांग है कि उन्हें नियमित वेतन, पेंशन और बीमा कवर मिलना चाहिए। महाराष्ट्र सुरक्षा बल के जवानों के लिए 28,000 रुपये मानधन निश्चित है, लेकिन उन्हें केवल 19-20 हजार रुपये ही मिल रहे हैं। पवार ने मांग की कि जवानों को अग्निशमन और प्राथमिक चिकित्सा जैसे आधुनिक प्रशिक्षण भी दिए जाएं।
रोहित पवार ने इस मुलाकात के माध्यम से सरकार और प्रशासन का ध्यान उन वर्गों की ओर खींचा है जो समाज की सुरक्षा में तैनात हैं या न्याय के लिए संघर्ष कर रहे हैं। इस दौरान उनके साथ विधायक विद्याताई चव्हाण और फहाद अहमद भी उपस्थित थे।