

BMC Standing Committee Approval Indian Constitution: बीएमसी की स्थायी समिति ने कक्षा 1 से 10वीं तक के विद्यार्थियों के लिए भारतीय संविधान पर आधारित शैक्षणिक सामग्री तैयार करने के प्रस्ताव को बुधवार को मंजूरी दे दी।
राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी-2020) और राज्य पाठ्यक्रम रूपरेखा के अनुरूप तैयार की जाने वाली इस सामग्री के माध्यम से विद्यार्थियों को संवैधानिक मूल्यों, मौलिक अधिकारों, कर्तव्यों और सामाजिक न्याय के सिद्धांतों की जानकारी दी जाएगी।
स्थायी समिति के इस फैसले का स्वागत करते हुए मुंबई भाजपा अध्यक्ष एवं विधायक अमित साटम ने कहा कि संविधान देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था की बुनियाद है।
विद्यार्थियों को बचपन से ही संविधान के मूल्यों और जिम्मेदार नागरिक व्यवहार की जानकारी देना जरूरी है।
साटम ने कहा कि एनईपी-2020 और राज्य पाठ्यक्रम रूपरेखा में विद्यार्थियों के समग्र विकास के साथ संवैधानिक मूल्यों, सामाजिक कानूनों के सम्मान तथा जिम्मेदार सामाजिक एवं नागरिक व्यवहार के प्रति जागरूकता पर जोर दिया गया है।
इसलिए विद्यार्थियों की उम्र और समझ के अनुरूप गतिविधि आधारित तथा अनुभवात्मक शैक्षणिक सामग्री तैयार करना उपयोगी होगा।
उनके मुताबिक, इस पहल से विद्यार्थियों में संविधान के प्रति समझ और सम्मान बढ़ाने के साथ जिम्मेदार, संवेदनशील और जागरूक नागरिक बनने की भावना विकसित करने में मदद मिलेगी। मौलिक अधिकारों और कर्तव्यों के साथ सामाजिक न्याय के सिद्धांतों को भी सरल तरीके से विद्यार्थियों तक पहुंचाने पर जोर रहेगा।
गौरतलब है कि कुछ महीने पहले बीएमसी शिक्षा समिति की सदस्य और भाजपा मुंबई महिला मोर्चा की अध्यक्ष योजना ठोकले ने बीएमसी स्कूलों के विद्यार्थियों के लिए डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर और संवैधानिक मूल्यों से संबंधित अलग पाठ्यक्रम तैयार करने का प्रस्ताव रखा था। स्थायी समिति की मंजूरी के बाद अब इस प्रस्ताव को आगे बढ़ाने की प्रक्रिया शुरू होगी।