दही हांडी का न्यौता ठुकराकर बोले राज ठाकरे – ‘मैं तो सिर्फ मटन हांडी का निमंत्रण स्वीकार करता हूं’
Maharashtra News: जहां दही हांडी का धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व है, वहीं ठाकरे की टिप्पणी ने इस उत्सव में राजनीति और हास्य का तड़का लगा दिया है। उन्होंने कहा कि मुझे मटन हांडी का निमंत्रण दो।
- Written By: सोनाली चावरे
मनसे अध्यक्ष राज ठाकरे (pic credit; social media)
Raj Thackeray on Dahi Handi Invitation: महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) के प्रमुख राज ठाकरे अपने बेबाक और चुटीले बयानों के लिए हमेशा चर्चा में रहते हैं। शुक्रवार (15 अगस्त) को उन्हें दही हांडी उत्सव का न्यौता मिला, लेकिन इस मौके पर उन्होंने आयोजकों को ऐसा जवाब दिया, जो देखते ही देखते चर्चा का विषय बन गया।
दरअसल, एलफिंस्टन रोड स्थित प्रभादेवी दही हांडी उत्सव के आयोजक को MNS पदाधिकारी मुनाफ ठाकुर द्वारा राज ठाकरे को निमंत्रण दिया गया था। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए ठाकरे ने हंसते हुए कहा, “मैं केवल मटन हांडी का निमंत्रण स्वीकार करता हूं।” उनका यह बयान तेजी से सुर्खियों में आ गया और सोशल मीडिया पर भी वायरल होने लगा।
महाराष्ट्र में दही हांडी का महत्व क्यों है?
गौरतलब है कि दही हांडी महाराष्ट्र में बड़े ही उत्साह और धूमधाम से मनाया जाने वाला पर्व है। जन्माष्टमी के अवसर पर होने वाले इस उत्सव में युवा गोविंदा टोली बनाकर ऊंची जगह पर लटकी मटकी फोड़ते हैं। इस मटकी में दही, माखन और मिठाई रखी जाती है। धार्मिक मान्यता के अनुसार यह पर्व भगवान कृष्ण की बाल लीलाओं से जुड़ा हुआ है, जब वे अपने दोस्तों के साथ घर-घर जाकर माखन चुराते थे।
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इस उत्सव की लोकप्रियता इतनी है कि आयोजक समितियां फिल्मी कलाकारों और बड़े नेताओं को भी आमंत्रित करती हैं। ऐसे में जब राज ठाकरे ने न्यौते पर मटन हांडी की बात कही, तो यह तुरंत सुर्खियों का हिस्सा बन गया।
मटन-चिकन बंदी पर भी बवाल
इसी बीच, स्वतंत्रता दिवस (15 अगस्त) पर नगर निगम द्वारा मटन और चिकन की दुकानों को बंद रखने के फैसले को लेकर विवाद छिड़ गया। कल्याण-डोंबिवली महानगरपालिका के आदेश के खिलाफ कई राजनीतिक दलों और सामाजिक संगठनों ने विरोध प्रदर्शन किया।
हिंदू खाटीक समाज, कांग्रेस पार्टी और शिवसेना (यूबीटी) गुट के कार्यकर्ताओं ने नगर निगम मुख्यालय पर जोरदार प्रदर्शन किया। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने तो मुर्गियां हाथ में लेकर निगम के बाहर अपना गुस्सा जताया। प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेड्स तोड़कर अंदर घुसने की कोशिश की, लेकिन पुलिस ने उन्हें तुरंत हिरासत में ले लिया।
राज ठाकरे का बयान बना चर्चा का विषय
त्योहारों की इस हलचल और विवादों के बीच राज ठाकरे का मटन हांडी वाला बयान हल्के-फुल्के अंदाज में जरूर था, लेकिन इसने राजनीतिक गलियारों और जनता के बीच हलचल पैदा कर दी। जहां दही हांडी का धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व है, वहीं ठाकरे की टिप्पणी ने इस उत्सव में राजनीति और हास्य का तड़का लगा दिया।
