छत्रपति शिवाजी महाराज प्रतिमा गिरने को लेकर राज ठाकरे का फुटा गुस्सा, शिंदे सरकार की कड़ी निंदा की
महाराष्ट्र के सिंधुदुर्ग जिले के एक किले में मराठा शासक छत्रपति शिवाजी महाराज की 35 फुट ऊंची प्रतिमा सोमवार को ढह गई। इस प्रतिमा का अनावरण प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने किया था। इसे लेकर विपक्षी दलों ने राज्य सरकार की आलोचना की और आरोप लगाया कि काम की गुणवत्ता पर कम ध्यान दिया गया था।
- Written By: किर्तेश ढोबले
छत्रपति शिवाजी महाराज प्रतिमा गिरने को लेकर राज ठाकरे का फुटा गुस्सा (सोर्स: सोशल मीडिया)
मुंबई: महाराष्ट्र के सिंधुदुर्ग जिले के एक किले में मराठा शासक छत्रपति शिवाजी महाराज की 35 फुट ऊंची प्रतिमा सोमवार को ढह गई। जिसके बाद राज्य में सियासी पारा हाई हो गया है। इसे लेकर विपक्षी दलों ने राज्य सरकार की आलोचना की और काम की गुणवत्ता पर सवाल उठाए। घटना को लेकर शिवभक्तों में भी आक्रोश देखने को मिल रहा है। इस बीच, मनसे अध्यक्ष राज ठाकरे ने सरकार की आलोचना की है।
राज ठाकरे ने अपने आधिकारिक एक्स पर लिखा, मालवण के राजकोट किले में छत्रपति शिवाजी महाराज की प्रतिमा की ढहने की खबर दिल दहला देनेवाली है। महाराष्ट्र के आराध्य दैवत की प्रतिमा 8 महीने पहले बनाया गया, इस तरह से कैसे ढह गया? मुलतः जिस प्रतिमा का अनावरण प्रधानमंत्री करने वाले थे,उसकी निरिक्षण हुआ या नहीं? यही नहीं राज ठाकरे ने कुसुमाग्रज की कविता का जिक्र करते हुए महाराष्ट्र की शिंदे सरकार को कटघरे में खड़ा किया है।
देखें राज ठाकरे ने एक्स पर क्या लिखा…
मालवण येथील राजकोट किल्ल्यावरचा छत्रपती शिवाजी महाराजांचा पूर्णाकृती पुतळा कोसळल्याची बातमी मनाला वेदना देणारी आहे. महाराष्ट्राच्या आराध्य दैवताचा पुतळा, तो देखील अवघ्या ८ महिन्यांपूर्वी उभारला गेलेला, असा कोसळतोच कसा?
मुळात ज्या पुतळ्याचं अनावरण पंतप्रधानांच्या हस्ते होणार आहे,… — Raj Thackeray (@RajThackeray) August 26, 2024
सम्बंधित ख़बरें
‘कर्ज में डूबी महाराष्ट्र सरकार, फिर भी गैर-जरूरी प्रोजेक्ट्स पर उड़ा रही पैसा’, जयंत पाटिल का तीखा हमला
नवी मुंबई में बनेगा भारत-अफ्रीका इंटरनेशनल बिजनेस हब, CIDCO और AIEF के बीच हुआ बड़ा समझौता; जानें पूरा प्लान
2008 रेलवे भर्ती हिंसा मामले में ठाणे कोर्ट पहुंचे राज ठाकरे, सभी आरोपों से किया इनकार
महाराष्ट्र पुलिस को फडणवीस का बड़ा तोहफा, 5,459 पुलिसकर्मियों के घर का सपना होगा पूरा, 1768 करोड़ का फंड मंजूर
केवल राजनीतिक सुविधा के लिए मुर्तियां
राज ठाकरे ने कहा कि मुर्तियां, स्मारक हमारे लिए केवल राजनीतिक सुविधा के लिए है। मैंने पहले भी कई बार कहा थी कि महाराज के असली स्मारक कोई भव्य मुर्ति नहीं, बल्कि उनके किले है।महाराज के नाम पर राजकारण करना, वोट मांगना, सत्ता हासिल करना और स्मारकों के लिए टेंडर निकालना और देखना की इससे क्या कुछ निकलता है।लोगों को उस व्यवस्था को नष्ट करना चाहिए जो प्रतिक चिन्हों का राजनीतिकरण करती है। जिसके बाद ही हम कह सकते है कि हम शिवाजी महाराज के महाराष्ट्र में रह रहे हैं।
यह भी पढ़ें:- छत्रपति शिवाजी महाराज की प्रतिमा गिरने से मचा बवाल, नौसेना ने दिए जांच के आदेश, कांग्रेस का आज विरोध प्रदर्शन
एक अधिकारी ने बताया कि प्रतिमा मालवन स्थित राजकोट किले में अपराह्न करीब एक बजे ढही। उन्होंने बताया कि विशेषज्ञ प्रतिमा के ढहने के वास्तविक कारण का पता लगाएंगे। हालांकि, उन्होंने कहा कि जिले में बीते दो-तीन दिनों में भारी बारिश हुई है और तेज हवाएं चली हैं। पुलिस और जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी स्थिति का जायजा लेने के लिए मौके पर पहुंच गए हैं।
प्रधानमंत्री मोदी ने किया था प्रतिमा का अनावरण
जानकारी के लिए बता दें कि सिंधुदुर्ग जिले के एक किले में मराठा शासक छत्रपति शिवाजी महाराज की 35 फुट ऊंची प्रतिमा सोमवार को ढह गई। इस प्रतिमा का अनावरण प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किया था। लेकिन महज 8 महीने पहली प्रतिमा ढहने को लेकर लोगों में आक्रोश नजर आ रहा है। घटना के बाद, विपक्षी दलों ने शिंदे सरकार की कड़ी आलोचना की और काम की गुणवत्ता पर कम ध्यान देने का आरोप लगाया ।
