रायगड़ में शिंदे ने कांग्रेस से मिलाया हाथ, भरत गोगावले ने सुनील तटकरे को दी मात, महाराष्ट्र में सियासी बवाल!
Raigad Politics: रायगड़ के म्हसला नगर पंचायत चुनाव में उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की शिवसेना ने कांग्रेस के साथ मिलकर NCP को करारी शिकस्त दी है। सुनील तटकरे के गढ़ में यह बड़ा उलटफेर है।
- Written By: आकाश मसने
भरत गोगावले व सुनील तटकरे (डिजाइन फोटो)
Mhasala Nagar Panchayat Results: महाराष्ट्र रायगड़ जिले की म्हसला नगर पंचायत में आखिरकार उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की शिवसेना ने जीत का परचम लहरा दिया है। नगराध्यक्ष पद के चुनाव में शिवसेना ने कांग्रेस के साथ मिलकर 17 में से 9 सीटों पर बहुमत हासिल कर सत्ता पर कब्जा जमाया। इस जीत को सुनेत्रा पवार की राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है।
पिछले 10 वर्षों से रायगड़ जिले की म्हसला नगर पंचायत पर राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) का एकछत्र राज था, लेकिन इस बार शिंदे गुट के मंत्री भरत गोगावले की रणनीति ने समीकरण बदल दिए और सुनील तटकरे तथा मंत्री अदिति तटकरे के गढ़ में सेंध लगा दी।
म्हसला नगर पंचायत में नगराध्यक्ष पद की सीधी टक्कर शिंदे गुट के उम्मीदवार जंजिरकर और एनसीपी के सुनील शेडगे के बीच थी। इस जीत के बाद श्रीवर्धन विधानसभा क्षेत्र में शिंदे गुट की ताकत और मजबूत मानी जा रही है। आने वाले चुनावों में राष्ट्रवादी कांग्रेस और शिंदे सेना के बीच मुकाबला और तीखा होने के संकेत मिल रहे हैं।
सम्बंधित ख़बरें
BMC BJP Shinde Group: बीएमसी में बीजेपी-शिंदे गुट के बीच बढ़ी खींचतान, नाला सफाई दौरों को लेकर विवाद
TVK के 108 विधायक इस्तीफा दे दें तो क्या होगा? आसान भाषा में समझिए तमिलनाडु के सियासी घमासान का गुणा-गणित
इंदौर में कांग्रेस के पूर्व विधायक अश्विन जोशी का निधन, 3 बार रह चुके हैं MLA
भाजपा ने कांग्रेस के चक्काजाम को बताया फ्लॉप, कहा- अपने ही वरिष्ठ नेताओं को एकजुट नहीं कर सकी पार्टी
व्हिप तोड़ने वालों पर दी थी सख्त कार्रवाई की चेतावनी
सत्ता परिवर्तन के तुरंत बाद नए नगराध्यक्ष और शिवसेना नगरसेवकों ने नगराध्यक्ष कार्यालय में लगी सांसद सुनील तटकरे की तस्वीर हटवा दी। उनकी जगह शिवसेना प्रमुख बालासाहेब ठाकरे और पूर्व मुख्यमंत्री बैरिस्टर ए।आर। अंतुले की तस्वीरें लगाई गई। म्हसला नगर पंचायत में यह हार अदिति तटकरे के लिए भी बड़ा राजनीतिक झटका मानी जा रही है।
यह भी पढ़ें:- महाराष्ट्र बोर्ड 10वीं का रिजल्ट जारी: इस बार फिर लड़कियों ने मारी बाजी; कोंकण डिवीजन टॉप पर
खास बात यह है कि चुनाव से पहले एनसीपी ने अपने नगरसेवकों को व्हिप जारी किया था। दो दिन पहले ही सुनील तटकरे ने व्हिप तोड़ने वालों पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी थी, लेकिन इसके बावजूद पार्टी सत्ता बचाने में नाकाम रही।
रायगड़ में नए सियासी समीकरण
रायगड़ जिले में NCP और शिवसेना के बीच सत्ता की जोरदार खींचतान पहले कुछ शांत पड़ गई थी। यहां शिंदे गुट के मंत्री भरत गोगावले और एनसीपी नेता सुनील तटकरे की बेटी और मंत्री अदिति तटकरे के बीच पालकमंत्री पद को लेकर सियासी टकराव चल रहा था। इस बीच वहीं अब इन चुनावी नतीजों से एक बार फिर राजनीतिक तनाव बढ़ने की आशंका है। इस चुनाव में शिवसेना और कांग्रेस के बीच गठबंधन से नए समीकरणों के उभरने की गुंजाइश बनेगी। फिलहाल, शिवसेना के पास 10 पार्षदों की ताकत है, जबकि NCP के पास 6 सीटें हैं।
