गणपति बप्पा पर भी बाढ़ का कहर! रायगड के पेण में बही हजारों मूर्तियां, मूर्तिकारों का करोड़ों का नुकसान
Ganesh idols damage Pen: रायगड जिले के पेण में आई अचानक बाढ़ ने गणेश मूर्तिकारों की महीनों की मेहनत पर पानी फेर दिया। इको-फ्रेंडली मूर्तियां पानी में घुल गईं, जिससे करोड़ों का नुकसान हुआ है।
- Written By: आकाश मसने
पेण में बाढ़ के पानी में डूबी गणेश प्रतिमाएं (सोर्स: सोशल मीडिया)
Ganesha Idols Washed Away In Pen: गणेशोत्सव की तैयारियों में जुटे देश के सबसे प्रसिद्ध मूर्तिकला केंद्र, रायगड जिले के पेण तहसील पर प्रकृति का कहर टूटा है। गणेश चतुर्थी को अब महज एक महीना बचा है, और ऐसे समय में जहां मूर्तिकारों के शेड में दिन-रात काम चलना चाहिए था, वहां आज सन्नाटा और मायूसी पसरी हुई है। पिछले एक सप्ताह से जारी मूसलाधार बारिश और खाड़ी के पानी के गांवों में घुसने से आई अचानक बाढ़ ने सैकड़ों मूर्तिकारों की आजीविका को गहरे संकट में डाल दिया है।
पिछले एक सप्ताह में हुई भारी बारिश ने रायगड जिले के पेण तहसील के मूर्तिकारों पर बड़ा संकट खड़ा कर दिया है। महाराष्ट्र ही नहीं, बल्कि देशभर में गणेश प्रतिमाओं की आपूर्ति के लिए प्रसिद्ध पेण तहसील के जोहे और तांबडशेत गांवों में मंगलवार को आई अचानक बाढ़ ने सैकड़ों मूर्तिकारों की महीनों की मेहनत पर पानी फेर दिया।
इन दोनों गांवों से गणेशोत्सव के दौरान राज्य के कोने-कोने और देश के कई हिस्सों में आकर्षक गणेश प्रतिमाएं भेजी जाती हैं। लेकिन भारी बारिश और खाड़ी के पानी के गांव में घुसने से कुछ ही समय में हालात बिगड़ गए। मूर्तिकारों के शेड में तेजी से पानी भर गया और तैयार प्रतिमाएं बह गईं।
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आधे घंटे में बही महीनों की मेहनत
शिवरत्न कला केंद्र के प्रमुख और कई पीढ़ियों से गणेश प्रतिमा बनाने वाले महेंद्र पाटिल ने कहा कि उन्होंने ऐसा नुकसान पहले कभी नहीं देखा था। उन्होंने बताया कि उनके पास डेढ़ से दो फीट की करीब 500 गणेश प्रतिमाएं तैयार थीं, जिन्हें जल्द ही मुंबई और पुणे भेजा जाना था। मंगलवार को सिर्फ आधे घंटे में सब कुछ बर्बाद हो गया। सुबह 11.30 बजे तक कारखाने में पानी नहीं था, लेकिन कुछ ही देर में पानी भर गया। इससे करीब 15 लाख रुपये का नुकसान हुआ है।
कर्ज के बोझ तले दबे मूर्तिकार
श्री गणेश आर्ट्स के प्रशांत पाटिल ने बताया कि पानी भरने से उनकी करीब 400 गणेश प्रतिमाएं खराब हो गईं। अनुमान के मुताबिक करीब 10 लाख रुपये का नुकसान हुआ है। उन्होंने बताया कि प्रतिमा निर्माण के लिए कर्ज लिया था और उसका बीमा भी कराया है, लेकिन नुकसान भरपाई कब और कितनी मिलेगी, इसकी कोई निश्चितता नहीं है।
हमरापुर गणेश मूर्तिकार संघ के अध्यक्ष अनंत मोकन ने बताया कि गणेशोत्सव में इस्तेमाल होने वाली करीब 80 प्रतिशत प्रतिमाएं इन्हीं क्षेत्रों से भेजी जाती हैं। जोहे और तांबडशेत गांवों में 1,000 से अधिक मूर्तिकार काम करते हैं। करीब 50 परिवारों के कारखाने निचले इलाकों में हैं, जिन्हें बाढ़ से सबसे ज्यादा नुकसान हुआ है। उन्होंने बताया कि प्रत्येक मूर्तिकार को 10 से 20 लाख रुपये तक का नुकसान हुआ है। नुकसान का आकलन किया जा रहा है और प्रारंभिक अनुमान के अनुसार यह नुकसान करोड़ों रुपये तक पहुंच सकता है।
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इको-फ्रेंडली प्रतिमाओं को सबसे ज्यादा नुकसान
अनंत मोकन ने बताया कि बाढ़ के दौरान गांव में पानी का स्तर पांच से छह फीट तक पहुंच गया था। सबसे ज्यादा नुकसान पर्यावरण अनुकूल (इको-फ्रेंडली) गणेश प्रतिमाओं को हुआ है। पानी के संपर्क में आते ही इन प्रतिमाओं का विघटन शुरू हो जाता है, जिससे वे पूरी तरह खराब हो गईं। वहीं दूसरी ओर जिन ग्राहकों से मूर्तिकारों ने एडवांस राशि ली थी, अब उसे वापस करने की चिंता भी बढ़ गई है। कई मूर्तिकारों ने बैंक से कर्ज लेकर कच्चा माल खरीदा था। ऐसे में प्रतिमाओं के नुकसान के साथ-साथ कर्ज चुकाने की चिंता भी उनके सामने खड़ी हो गई है।
