

Amity University Panvel Campus Expansion: महाराष्ट्र में उच्च शिक्षा के क्षेत्र को और अधिक मजबूत और विस्तृत बनाने के लिए राज्य सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई राज्य मंत्रिमंडल बैठक में एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया। सरकार ने शैक्षणिक क्षेत्र के विस्तार को बढ़ावा देते हुए एमिटी यूनिवर्सिटी की मूल संस्था को रायगड जिले के पनवेल तहसील स्थित भाताण गांव में लगभग 15 एकड़ जमीन उपलब्ध कराने को मंजूरी दी है।
मंत्रिमंडल बैठक में निर्णय लिया गया कि एमिटी यूनिवर्सिटी का संचालन करने वाले रितनंद बलवेद एजुकेशन फाउंडेशन को विशेष मामले के तहत यह भूमि दी जाएगी। यह जमीन शैक्षणिक संस्थान के विस्तार और नई सुविधाओं के विकास के लिए उपयोग में लाई जाएगी। सरकारी निर्णय के अनुसार, भाताण स्थित आकारीपड भूमि में से लगभग 15 एकड़ क्षेत्र एमिटी यूनिवर्सिटी को दिया जाएगा।
राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने बताया कि मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक के दौरान राजस्व विभाग ने एक महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए रायगड़ जिले के भाताण में एमिटी यूनिवर्सिटी के विस्तार के लिए 'वर्ग-2 अधिभोग अधिकारों' के तहत 15 एकड़ जमीन रितनंद बलवेद एजुकेशन फाउंडेशन को उपलब्ध कराने का फैसला किया है। इस स्थल पर एक शैक्षणिक परिसर, खेल के मैदान, छात्रावास, एक पुस्तकालय और प्रयोगशालाएं स्थापित की जाएंगी। उन्होंने कहा कि इस दूरदर्शी निर्णय के लिए हम मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के प्रति हार्दिक आभार व्यक्त करते हैं।
इस भूमि का उपयोग शैक्षणिक परिसर के विस्तार, छात्रावास, पुस्तकालय, खेल मैदान तथा अन्य शैक्षणिक सुविधाओं के विकास के लिए किया जाएगा। वर्तमान में इस संस्थान के तहत 18 शाखाओं में विभिन्न पाठ्यक्रम संचालित हो रहे हैं, जिनमें 5 हजार से अधिक विद्यार्थी अध्ययनरत हैं। इस निर्णय को शिक्षा के विस्तार में अहम कदम माना जा रहा है।
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा अजित पवार के साथ मिलकर मुंबई के मंत्रालय में 'कसं काय?' (कैसा है) नाम से एक आधिकारिक जन-जागरूकता अभियान और एक स्वास्थ्य गीत की शुरुआत की।
सार्वजनिक स्वास्थ्य विभाग द्वारा लागू की गई पहल 'माझं गाव, आरोग्य संपन्न गाव' (मेरा गांव, स्वास्थ्य-समृद्ध गांव) का एक अभिन्न अंग, 'कैसा है?' अभियान का मुख्य उद्देश्य सक्रिय जन-भागीदारी को बढ़ावा देना, स्वास्थ्य संबंधी जागरूकता को सुदृढ़ करना, और नागरिकों के बीच स्वास्थ्य सेवाओं के प्रति मांग व विश्वास दोनों को बढ़ाना है।