पहले पैमाइश, फिर म्यूटेशन! महाराष्ट्र में संपत्ति विवादों पर लगेगी लगाम; राजस्व मंत्री बावनकुले का बड़ा ऐलान

Maharajaswa Abhiyan Mumbai: मुंबई के अंधेरी में महाराजस्व समाधान शिविर का आयोजन। राजस्व मंत्री बावनकुले ने कहा फ्लैट धारकों को भी मिलेगा प्रॉपर्टी कार्ड, पारदर्शी होगा प्रशासन।
First Survey, Then Mutation! Property Disputes in Maharashtra to Be Curbed; Revenue Minister Bawankule Makes Major Announcement
चंद्रशेखर बावनकुले (सोर्सः सोशल मीडिया)
Updated on

SRA flat allotment Mumbai: मुंबई उपनगर जिले के अंधेरी स्थित शहाजीराजे भोसले क्रीडा संकुल में भव्य 'छत्रपती शिवाजी महाराज महाराजस्व समाधान शिविर' का आयोजन किया गया। इस शिविर के दौरान प्रदेश के राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार का मुख्य लक्ष्य सरकारी कामकाज को पूरी तरह से लोकाभिमुख, गतिशील और पारदर्शी बनाना है। उन्होंने कहा कि इस विशेष अभियान के जरिए नागरिकों को एक ही छत के नीचे राजस्व विभाग समेत शासन के अन्य संबंधित विभागों की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं का सीधा लाभ प्रदान किया जा रहा है, जिससे उन्हें दफ्तरों के चक्कर न काटने पड़ें।

राजस्व विभाग के क्रांतिकारी फैसलों पर प्रकाश

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने विभाग द्वारा हाल ही में लिए गए कई ऐतिहासिक और क्रांतिकारी निर्णयों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि अकृषक (Non-Agricultural) कानून में व्यापक सुधार करते हुए अब वार्षिक कर निर्धारण की प्रक्रिया को पूरी तरह समाप्त कर दिया गया है। इसके साथ ही, तुकड़ेबंदी कानून के रद्द होने से महाराष्ट्र के लाखों परिवारों के घरों को कानूनी मान्यता मिलने का रास्ता साफ हो गया है। मंत्री बावनकुले ने वर्टिकल सातबारा योजना का विशेष रूप से उल्लेख करते हुए एक बड़ी घोषणा की। उन्होंने कहा कि अब राज्य में फ्लैट धारकों को भी उनका हक दिलाने के लिए प्रॉपर्टी कार्ड दिया जा सकेगा। भूमि विवादों को खत्म करने की दिशा में सरकार के आगामी कदमों को साझा करते हुए उन्होंने कहा कि भविष्य में 'पहले पैमाइश, फिर पंजीकरण और अंत में म्यूटेशन  की त्रिस्तरीय व्यवस्था लागू की जाएगी। इस नई व्यवस्था से संपत्ति संबंधी धोखाधड़ी और विवादों पर पूरी तरह से लगाम लगेगी। साथ ही, 'लैंड टाइटलिंग' के माध्यम से अब जमीन की पूरी जानकारी ऑनलाइन उपलब्ध होगी, जिससे खरीद-बिक्री की प्रक्रिया और भी सुगम हो जाएगी।

5000 करोड़ की सरकारी जमीन अतिक्रमण मुक्त

इस अवसर पर कौशल विकास मंत्री और मुंबई उपनगर के सह पालकमंत्री मंगल प्रभात लोढा ने भी शिरकत की और राजस्व विभाग के प्रयासों की जमकर सराहना की। उन्होंने कहा कि महाराजस्व अभियान तालुका और स्थानीय स्तर तक पहुंचने से आम आदमी को बड़ी राहत मिली है।

लोढा ने विशेष रूप से मुंबई उपनगर के जिलाधिकारी सौरभ कटियार की पीठ थपथपाई, जिनके कुशल नेतृत्व में जिला प्रशासन ने शर्त भंग वाली लगभग पांच हजार करोड़ रुपये की सरकारी जमीन को अतिक्रमणकारियों के चंगुल से मुक्त कराया है। इस बड़ी प्रशासनिक उपलब्धि के लिए राजस्व मंत्री द्वारा जिलाधिकारी सौरभ कटियार को विशेष रूप से सम्मानित भी किया गया।

एक ही छत के नीचे हजारों को मिला योजनाओं का लाभ

इस विशेष समाधान शिविर के दौरान बड़ी संख्या में स्थानीय निवासियों को विभिन्न आवश्यक सरकारी दस्तावेज, प्रमाणपत्र और वित्तीय लाभ मौके पर ही वितरित किए गए। लाभार्थियों को अधिवास (Domicile), आय प्रमाण पत्र, वरिष्ठ नागरिक कार्ड, संजय गांधी निराधार योजना के तहत आर्थिक सहायता के दस्तावेज और नए राशन कार्ड सौंपे गए।

इसके अतिरिक्त, केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी योजना प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन योजना के कार्ड, तृतीय पंथियों (Transgenders) के लिए विशेष पहचान पत्र, महिला बचत समूहों को प्रमाण पत्र और जुग्गीझोपड़ी पुनर्वसन योजना (SRA) के तहत पात्र पाए गए झोपड़पट्टी धारकों को उनके नए फ्लैटों का आवंटन पत्र भी दिया गया। इस गरिमामयी कार्यक्रम में स्थानीय विधायक हारून खान, विक्रांत पाटिल सहित शासन और प्रशासन के कई वरिष्ठ अधिकारी और गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

Navbharat Live
navbharatlive.com