पुणे के यशवंत शुगर मिल की वार्षिक सभा में हंगामा, कर्मचारियों के वेतन और गन्ना बिल पर जोरदार बहस

Pune Yashwant Sugar Mill Factory: यशवंत शुगर मिल की वार्षिक सभा में कर्मचारियों के बकाया वेतन और किसानों के गन्ना बिल पर जोरदार बहस हुई। हंगामे के बीच सभी प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित हुए।
Pune Sugar Mill Employee Salary Due
यशवंत शुगर मिल की वार्षिक सभा में हंगामा, वेतन-गन्ना बिल पर बहससोर्स: सोशल मीडिया
Published on: 
Updated on: 

Pune Sugar Mill Employee Salary Due: पुणे के सोरतापवाड़ी में श्री चिंतामणि यशवंत सहकारी शुगर मिल की वार्षिक साधारण सभा हंगामे के बीच हुई। कर्मचारियों के बकाया वेतन और किसानों के गन्ना बिल को लेकर जोरदार बहस हुई। अध्यक्ष सुभाष जगताप ने विरोधियों पर मिल के पुनरुद्धार में अड़चन डालने का आरोप लगाया, जबकि प्रशांत कालभोर ने इसका जवाब दिया।

विरोधियों पर अध्यक्ष का हमला

श्री चिंतामणि यशवंत सहकारी शुगर मिल की वार्षिक साधारण सभा सोमवार को सोरतापवाड़ी स्थित कला गोविंद लॉन्स में हंगामे के बीच संपन्न हुई। सभा की अध्यक्षता करते हुए मिल के अध्यक्ष सुभाष जगताप ने विरोधियों पर मिल के पुनरुद्धार में अड़चन डालने का आरोप लगाया।

जगताप ने कहा कि यदि विरोधियों ने बाधाएं खड़ी नहीं की होतीं तो मिल इसी वर्ष शुरू हो गया होता। उन्होंने कहा कि संचालक मंडल की प्राथमिकता किसानों और मजदूरों के हित में कारखाने को दोबारा शुरू करना है। उन्होंने विरोधियों से पुनरुद्धार प्रक्रिया में सहयोग करने की अपील की।

गन्ना बिल और वेतन पर जोरदार बहस

सभा के दौरान मिल की आर्थिक स्थिति, कर्मचारियों के लंबित वेतन और किसानों के बकाया गन्ना बिल को लेकर जोरदार बहस हुई। किसानों ने वर्ष 2010 से लंबित गन्ना बिलों का ब्याज सहित भुगतान करने की मांग उठाई।

वहीं, कर्मचारियों ने जुलाई 2011 से अगस्त 2018 की अवधि के बकाया वेतन और अन्य भत्तों का भुगतान करने की मांग रखी। इन मुद्दों को लेकर कुछ समय के लिए सभा में हंगामे और अफरा-तफरी की स्थिति बन गई।

Pune Sugar Mill Employee Salary Due
पुणे-शिरूर में PDCC बैंक चुनाव,एक सीट पर तीन दावेदार;अशोक पवार, स्वप्नील गायकवाड़ और राजेंद्र जासूद आमने-सामने

सभी प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित

हंगामे के बावजूद वार्षिक सभा के एजेंडे में शामिल सभी प्रस्तावों पर चर्चा के बाद उन्हें सर्वसम्मति से मंजूरी दे दी गई। इनमें नया अत्याधुनिक चीनी प्लांट स्थापित करने, पुराने प्लांट से संबंधित नीतियां तय करने और संचालक मंडल को आवश्यक अधिकार देने जैसे प्रस्ताव शामिल थे।

मिल के स्टोर से गायब दस्तावेजों और कागजात के उचित सत्यापन का मुद्दा भी चर्चा में रहा। संचालक मंडल ने सभी जरूरी कानूनी प्रक्रियाएं पूरी करने के बाद मिल को जल्द दोबारा शुरू करने का प्रयास करने का आश्वासन दिया।

Pune Sugar Mill Employee Salary Due
महाराष्ट्र में सूखे से हाहाकार, फसल नुकसान के पंचनामों के लिए 11 विभागों के अधिकारियों की छुट्टियां रद्द

प्रशांत कालभोर ने आरोपों पर दिया जवाब

अध्यक्ष सुभाष जगताप के आरोपों पर प्रशांत कालभोर ने पलटवार किया। उन्होंने कहा कि कोई भी मिल के संचालन में बाधा नहीं डाल रहा है। उनके अनुसार किसानों और मजदूरों के हित में कारखाने को दोबारा शुरू करना जरूरी है, लेकिन प्रबंधन को सभी आवश्यक कानूनी अनुमतियां हासिल करने के बाद ही आगे बढ़ना चाहिए।

कालभोर ने जमीन की बिक्री और खरीद से जुड़ी प्रक्रियाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि गलत फैसलों के कारण राज्य मंत्रिमंडल स्तर पर अड़चनें पैदा हो रही हैं। इसलिए सभी दस्तावेजों और कागजात का उचित सत्यापन जरूरी है। उन्होंने जल्दबाजी में ऐसा कोई निर्णय नहीं लेने की बात कही, जिससे मिल दोबारा संकट में फंस जाए।

Navbharat Live: Hindi News
navbharatlive.com