Pune Water Crisis: खडकवासला जलाशय समूह में बचा सिर्फ 4.13 TMC पानी, 31 अगस्त तक लगा सख्त जल कोटा
Pune Water Crisis: पुणे के बांधों में जलस्तर तेजी से गिरा, खडकवासला समूह में केवल 4.13 TMC पानी शेष। जिलाधिकारी ने 31 अगस्त तक सख्त जल कोटा लागू किया, पानी चोरी पर होगी सीधे FIR
- Written By: रूपम सिंह
खडकवासला जलाशय (सोर्स-सोशल मीडिया)
Pune Water Crisis Khadakwasla Dam: पुणे और आसपास के क्षेत्रों को जल आपूर्ति करने वाले खडकवासला जलाशय समूह सहित जिले के प्रमुख बांधों में जलस्तर तेजी से गिरने लगा है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए जिला प्रशासन पूरी तरह हाई अलर्ट मोड पर है। संभावित पेयजल संकट से निपटने के लिए प्रशासन ने कठोर और वैज्ञानिक जल प्रबंधन उपाय लागू कर दिए हैं। जिलाधिकारी जितेंद्र डूडी ने सभी संबंधित विभागों और पुणे व पिंपरी चिंचवड़ महानगर पालिका को निर्देश दिए हैं कि उपलब्ध जलसंचय का उपयोग अत्यंत सावधानी और अनुशासन के साथ किया जाए, ताकि आने वाले महीनों में नागरिकों को गंभीर पानी संकट का सामना न करना पड़े।
बांधों में जल भंडार की स्थिति चिंताजनक
उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी है कि पानी की चोरी या अवैध उपयोग पाए जाने पर सीधे एफआईआर दर्ज कराई जाएगी। जिलाधिकारी कार्यालय में आयोजित आपातकालीन समीक्षा बैठक में वर्षा की स्थिति, जलाशयों में उपलब्ध जल भंडार और खपत का विस्तृत विश्लेषण किया गया। बैठक में जल संसाधन विभाग के अधीक्षक अभियंता प्रवीण कोल्हे और पृथ्वीराज फालके सहित कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
प्रशासन ने स्पष्ट किया कि पुणे जिले की पूरी प्रशासनिक मशीनरी को सतर्क कर दिया गया है और हर स्तर पर निगरानी बढ़ा दी गई है। आंकड़ों के अनुसार खडकवासला, पानशेत, वरसगांव और टेमघर जलाशयों की कुल जीवंत भंडारण क्षमता 29.15 टीएमसी है, लेकिन वर्तमान में केवल 4.13 टीएमसी पानी ही शेष बचा है। वहीं पिंपरी-चिंचवड़ को जल आपूर्ति करने वाले पवना डैम में मात्र 1।65 टीएमसी जलसंचय उपलब्ध है। इस स्थिति को अत्यंत चिंताजनक माना जा रहा है क्योंकि पिछले वर्ष की तुलना में इस बार लगभग 90 टीएमसी पानी कम है।
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अवैध जल निकासी पर सख्त कार्रवाई तय
जिलाधिकारी ने स्पष्ट आदेश दिए हैं कि जलाशयों, नहरों और नदियों से होने वाले अवैध जल उपसा पर पूरी तरह रोक लगाई जाएगी। इसके लिए राजस्व विभाग, पुलिस और जल संसाधन विभाग की संयुक्त फ्लाइंग स्क्वाड बनाई गई है, जो दिन-रात गश्त करेगी।
यदि कोई व्यक्ति या संस्था अवैध पंप, मोटर या पाइपलाइन के जरिए पानी की चोरी करते हुए पकड़ी जाती है तो उसके खिलाफ आपदा प्रबंधन अधिनियम के तहत सीधे आपराधिक मामला दर्ज किया जाएगा। आने वाले महीनों में जल प्रबंधन, निगरानी और अनुशासन ही शहर को संभावित गंभीर जल संकट से बचाने में निर्णायक भूमिका निभाएंगे।
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अगस्त तक जल कोटा
मौसम विभाग द्वारा संभावित अल-नीनो प्रभाव की चेतावनी को देखते हुए एल नीनो के कारण कम वर्षा की आशंका जताई गई है। इसी आधार पर प्रशासन ने 31 अगस्त तक के लिए सख्त जल कोटा प्रणाली लागू कर दी है। पुणे और पिंपरी-चिंचवड़ महानगर क्षेत्रों की अनुमानित जल आवश्यकता को सीमित कर वैज्ञानिक ढंग से पुनर्नियोजन किया गया है, ताकि उपलब्ध जल का अधिकतम और संतुलित उपयोग हो सके।
चार प्रमुख जलाशयों में पानी की स्थिति
- सिर्फ 4.13 टीएमसी पानी शेष।
- पिछले साल से भारी पानी कमी।
- पवना बांध में पानी बेहद कम।
- पणे को चार टीएमसी जरूरत।
