Pune Voter List Special Intensive Revision: पुणे जिले में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम (एसआईआर) को लेकर प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। मतदाता सूची को पारदर्शी और त्रुटिरहित बनाने के उद्देश्य से जिला निर्वाचन शाखा ने सख्त कदम उठाने का फैसला लिया है।
दावे और आपत्तियों के निस्तारण के दौरान मतदाताओं को उपस्थिति दर्ज कराने के लिए तीन अवसर दिए जाएंगे। इसके बावजूद यदि संबंधित नागरिक सुनवाई प्रक्रिया में शामिल नहीं होता है, तो उसका नाम मतदाता सूची से हटाने की विधिक कार्रवाई शुरू कर दी जाएगी। इस फैसले से जानकारियों के भौतिक सत्यापन का महत्व बढ़ गया है।
उप जिला निर्वाचन अधिकारी मीनल कलसकर ने सर्वदलीय समीक्षा बैठक में इस फैसले की जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि मतदाता पंजीकरण अधिकारियों और सहायक अधिकारियों को विस्तृत दिशा-निर्देश और प्रशिक्षण दिया जा चुका है। पारदर्शी सुनवाई सुनिश्चित करने के लिए सुव्यवस्थित शेड्यूल तैयार किया गया है। प्रशासन प्रत्येक संबंधित नागरिक को अपना पक्ष रखने के लिए तीन अलग-अलग नोटिस भेजेगा।
समीक्षा बैठक के दौरान एएसडीडी (अनुपस्थित, स्थानांतरित, मृत और डुप्लीकेट) सूची के आंकड़ों पर भी चर्चा की गई। पुणे में 22 लाख से अधिक अनुपस्थित, मृत और स्थानांतरित मतदाताओं की पहचान की गई है। जिन नागरिकों के नाम इस सूची में शामिल हैं, उन्हें सूची में बने रहने या संशोधन के लिए निर्धारित प्रारूप में नया आवेदन पत्र जमा करना होगा। आगामी प्रक्रिया को सुचारू चलाने और भीड़ पर नियंत्रण के लिए नए मतदान केंद्र गठित किए गए हैं।
इस सर्वदलीय बैठक में भाजपा, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार), राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (अजित पवार), कांग्रेस, शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) और महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना सहित सभी प्रमुख दलों के जिलाध्यक्ष और प्रतिनिधि उपस्थित रहे। प्रशासन ने सभी दलों से सत्यापन अभियान में सहयोग की अपील की है।
अपनी मतदाता पात्रता, मतदाता सूची में नाम जांचने या पुनरीक्षण प्रक्रिया की विस्तृत जानकारी के लिए भारत निर्वाचन आयोग के आधिकारिक पोर्टल भारत निर्वाचन आयोग (ईसीआई) पर विजिट करें।