महिला होने के आधार पर न हो मेरे काम का मूल्यांकन, बारामती उपचुनाव प्रचार की शुरुआत में बोलीं सुनेत्रा पवार

Sunetra Pawar Baramati Bypoll: सुनेत्रा पवार ने कन्हेरी मंदिर से शुरू किया बारामती उपचुनाव का प्रचार। कहा- "अजित पवार की विरासत बढ़ाऊंगी आगे, जेंडर के आधार पर न हो मेरे काम का आकलन।"
Sunetra Pawar Baramati Campaign
Sunetra Pawar Baramati Campaign (फोटो क्रेडिट-X)
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Sunetra Pawar Baramati Campaign: राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) की अध्यक्ष और महाराष्ट्र की उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार ने रविवार को अपने दिवंगत पति अजित पवार की राजनीतिक विरासत को आगे बढ़ाने का संकल्प लेते हुए बारामती विधानसभा उपचुनाव के लिए शंखनाद कर दिया। सुनेत्रा पवार ने बारामती के कन्हेरी गांव स्थित प्रसिद्ध हनुमान मंदिर में दर्शन कर अपने अभियान की शुरुआत की। उल्लेखनीय है कि दिवंगत अजित पवार भी अपने हर चुनाव प्रचार का आगाज़ इसी मंदिर में शीश नवाकर किया करते थे।

अभियान के दौरान एक भावुक संबोधन में सुनेत्रा पवार ने इस वर्ष जनवरी में हुए उस दुखद विमान हादसे का जिक्र किया, जिसमें अजित पवार का निधन हो गया था।

"अजितदादा के अधूरे सपनों को करना है पूरा"

सुनेत्रा पवार ने कहा कि घटनास्थल पर बिखरे हुए कागजात इस बात के गवाह हैं कि अजितदादा अपनी आखिरी सांस तक जनता के काम में व्यस्त थे। उन्होंने कहा, "उनके दुखद निधन के बाद, अब हमारे कंधों पर उनके कार्यों की विरासत को आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी है। अजितदादा की विचारधारा केवल समाज सेवा थी, जहाँ जाति, पंथ या धर्म का कोई स्थान नहीं था। उन्होंने 'लाडकी बहिन' योजना जैसी क्रांतिकारी पहल से महिलाओं को आर्थिक मजबूती दी।"

जेंडर के आधार पर मूल्यांकन का विरोध

अपने नेतृत्व की क्षमता पर उठने वाली आशंकाओं का जवाब देते हुए सुनेत्रा पवार ने कड़ा संदेश दिया। उन्होंने जोर देकर कहा, "मैं उस परिवार की बहू हूँ जिसने महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए नीतियां बनाई हैं। मेरे काम का मूल्यांकन इस आधार पर नहीं होना चाहिए कि मैं एक महिला हूँ, बल्कि मेरे कार्यों और समर्पण के आधार पर होना चाहिए।" उन्होंने विश्वास जताया कि अजितदादा के आशीर्वाद और बारामती की जनता के सहयोग से वे इस बड़ी चुनौती का सामना करने में सक्षम हैं।

23 अप्रैल को बारामती की अग्निपरीक्षा

अजित पवार ने 1991 से लगातार आठ बार बारामती का प्रतिनिधित्व किया था। उनके आकस्मिक निधन के कारण खाली हुई इस सीट पर 23 अप्रैल 2026 को उपचुनाव होना निर्धारित है। सुनेत्रा पवार ने चुनाव जीतने पर बारामती तहसील के उन 33 गांवों में पानी की पुरानी समस्या का स्थायी समाधान करने का वादा किया, जो लंबे समय से सूखे की मार झेल रहे हैं। बारामती की जनता के लिए यह चुनाव केवल एक प्रतिनिधि चुनने का नहीं, बल्कि 'अजितदादा' की विरासत पर मुहर लगाने का अवसर माना जा रहा है।

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