

Satara Kamthi Accident: महाराष्ट्र के सातारा जिले के कामथी गाँव में एक ऐसी हृदयविदारक घटना घटी है, जिसने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। जिस घर में चार दिन बाद शहनाइयां गूंजने वाली थीं, वहां अब चीख-पुकार मची है। एक छोटे बच्चे की अनजानी गलती के कारण खड़ी गाड़ी का हैंडब्रेक क्या हटा, मानो पूरे परिवार की खुशियों पर ही ब्रेक लग गया। इस भीषण हादसे में अडागले परिवार की तीन महिलाओं और एक मासूम बच्ची की दर्दनाक मौत हो गई।
मिली जानकारी के अनुसार, कामथी निवासी सीताराम अडागले के परिवार में खटाव तहसील के निमसोड गाँव में चार दिन बाद विवाह समारोह होना तय था। शादी की तैयारियों के तहत अडागले परिवार नए गाँव (पुनर्वासित क्षेत्र) में अपना सामान और पालतू जानवरों को स्थानांतरित करने का काम पिछले दो दिनों से कर रहा था। शुक्रवार (8 मई) की रात करीब सवा दस बजे पूरा परिवार इसी काम में जुटा हुआ था।
घटना के वक्त परिवार के छह सदस्य एक 'आयशर टेम्पो' में जानवरों को चढ़ा रहे थे। इसी दौरान टेम्पो के केबिन में बैठे एक छोटे बच्चे ने खेल-खेल में गलती से गाड़ी का हैंडब्रेक खींचकर हटा दिया। चूँकि गाड़ी ऊँचाई वाले स्थान पर खड़ी थी, हैंडब्रेक हटते ही टेम्पो ढलान पर तेजी से पीछे की ओर लुढ़कने लगा। महज कुछ ही सेकंड में अनियंत्रित गाड़ी पास के बाँध के किनारे से होते हुए सीधे उरमोडी बांध की दिशा में ढलान पर जाकर पलट गई। केबिन में बैठी महिलाओं ने बाहर निकलने की कोशिश की, लेकिन गाड़ी के पलटने के कारण वे अंदर ही दब गईं।
इस भीषण दुर्घटना में लीलाबाई उत्तम अडागले (56), मालुबाई सीताराम अडागले (50), कल्पना सागर आवले (36) और नन्ही गार्गी सागर आवले (6) की मौके पर ही मौत हो गई। परिवार के अन्य सदस्य भी गंभीर रूप से घायल हुए हैं, जिन्हें उपचार के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। हादसे की खबर मिलते ही जिला परिषद उपाध्यक्ष राजू भोसले और आसपास के गाँवों के ग्रामीण तुरंत मौके पर पहुँचे। कासारथल के युवाओं और ग्रामीणों ने जेसीबी की मदद से गाड़ी को सीधा किया और अंदर फंसे शवों को बाहर निकाला।
सातारा तहसील के उरमोडी बांध के किनारे बसे कामथी गाँव में इस घटना के बाद चूल्हे नहीं जले हैं। अडागले परिवार पर टूटे इस दुखों के पहाड़ ने हर किसी की आँखों को नम कर दिया है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। यह घटना एक चेतावनी है कि खड़े वाहनों में बच्चों को अकेला छोड़ना कितना घातक सिद्ध हो सकता है।