पुणे में मानसून से पहले अधूरी तैयारी, नालों की सफाई 40 प्रतिशत तक भी नहीं पहुंची

Pune Monsoon Preparation Drain Cleaning News: मानसून से पहले जल निकासी व्यवस्था की सफाई का काम बेहद धीमी गति से चल रहा है। अब तक केवल 35 से 38 प्रतिशत कार्य ही पूरा हो पाया है।
Pune Monsoon Preparation Drain Cleaning Work Delay
पुणे ड्रेन सफाई में देरी (सोर्सः सोशल मीडिया)
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Pune Monsoon Preparation Drain Cleaning Work Delay: पुणे शहर में मानसून की आहट के साथ ही पुणे महानगरपालिका की तैयारियों पर एक बार फिर गंभीर प्रश्नचिन्ह लग गए हैं।

प्रशासन द्वारा जारी नवीनतम आंकड़ों से यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि बारिश से पहले होने वाली नालों, चैंबरों, कल्वर्ट और जल निकासी लाइनों की सफाई का कार्य अब तक केवल 35 से 38 प्रतिशत ही पूरा हो सका है।

सुस्त रफ्तार से बढ़ी शहरवासियों की चिंता

इस सुस्त रफ्तार ने शहरवासियों की चिंता बढ़ा दी है, क्योंकि यदि इस वर्ष मानसून समय से पहले आ जाता है, तो शहर को भारी जलभराव और अस्त-व्यस्त जनजीवन का सामना करना पड़ सकता है।

प्रशासन की कार्यप्रणाली पर संदेह इसलिए भी गहरा रहा है क्योंकि इसी वर्ष 2 अप्रैल को हुई बेमौसम बारिश ने शहर की पोल खोल दी थी, जिसमें नवश्या मारुती क्षेत्र में एक महिला की मौत तक हो गई थी।

उस समय घरों और दुकानों में पानी घुसने से काफी नुकसान हुआ था और प्रशासन के 90 प्रतिशत सफाई के दावों के विपरीत जमीनी स्तर पर काम 10 प्रतिशत भी नहीं पाया गया था। उस घटना के बाद महापौर और स्थायी समिति द्वारा अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाने और टेंडरों को तत्काल मंजूरी देने के बावजूद एक महीने में काम की गति में कोई खास बदलाव नहीं आया है।

सफाई के हर मोर्चे पर पीछे

  • सांख्यिकीय विवरण को देखें तो स्थिति और भी चिंताजनक नजर आती है। शहर की कुल 2,75,095 मीटर लंबी मानसून जल वाहिनियों में से मात्र 83,449 मीटर की सफाई ही संभव हो पाई है। इसी तरह, 62,282 चैंबरों में से केवल 21,593 और 2,32,282 मीटर लंबे नालों में से महज 83,324 मीटर हिस्से की ही सफाई पूरी हुई है।
  • कल्वर्ट सफाई के मामले में भी प्रशासन लक्ष्य से काफी पीछे चल रहा है, जहां कुल 454 में से अब तक केवल 106 की सफाई की जा सकी है, जबकि 148 की सफाई की तत्काल आवश्यकता बताई गई थी।
  • वर्तमान में पांचों परिमंडलों के क्षेत्रीय कार्यालयों में सफाई का कार्य जारी तो है, लेकिन इसकी धीमी प्रगति पुणेकरों के मन में भय पैदा कर रही है। यदि आने वाले कुछ हफ्तों में इस कार्य में युद्धस्तर पर तेजी नहीं लाई गई, तो पुणे को एक बार फिर जलभराव, गटर ओवरफ्लो और सड़कों पर बहते पानी की समस्या से जूझना पड़ सकता है। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि क्या पुणे मनपा प्रशासन अपनी गलतियों से सीख लेकर समय रहते इन तैयारियों को पूर्ण कर पाता है या इस साल भी जनता को केवल आश्वासनों से ही संतोष करना पड़ेगा।
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