‘छोटी मछली गिरफ्तार शार्क अभी भी बाहर’, अजित पवार प्लेन क्रैश मामले की गिरफ्तारी पर रोहित पवार का तंज
Rohit Pawar DGCA Corruption Allegations: रोहित पवार ने DGCA अफसर की गिरफ्तारी को बताया 'छोटी मछली'। अजित पवार प्लेन क्रैश में सबूत मिटाने और बड़ी साजिश का लगाया आरोप।
- Written By: अनिल सिंह
Rohit Pawar DGCA Corruption Allegations (फोटो क्रेडिट-X)
Rohit Pawar On Baramati Plane Crash Investigation: महाराष्ट्र की राजनीति में अजित पवार विमान दुर्घटना मामले ने एक बार फिर तूल पकड़ लिया है। शरद पवार गुट के विधायक रोहित पवार ने सीबीआई (CBI) द्वारा नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) के एक उप निदेशक की गिरफ्तारी के बाद केंद्र सरकार और जांच एजेंसियों पर तीखा हमला बोला है। रोहित पवार का दावा है कि गिरफ्तार किया गया अधिकारी केवल एक ‘छोटी मछली’ है, जबकि असली ‘शार्क’ यानी बड़े भ्रष्ट अधिकारी और बिचौलिए अब भी आजाद घूम रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि डीजीसीए के भीतर भ्रष्टाचार का एक गहरा जाल फैला हुआ है, जिसका सीधा असर विमान सुरक्षा पर पड़ रहा है।
रोहित पवार ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर पोस्ट करते हुए कहा कि वे लंबे समय से डीजीसीए में व्याप्त भ्रष्टाचार की बात कर रहे थे और इस गिरफ्तारी ने उनके संदेह को सच साबित कर दिया है। उन्होंने विशेष रूप से चार्टर ऑपरेटर वीएसआर वेंचर्स (VSR Ventures) के मालिक वीके सिंह की भूमिका पर सवाल उठाए हैं। रोहित का आरोप है कि वीके सिंह जैसे बिचौलिए रिश्वत देने और दस्तावेजों में हेरफेर करने में माहिर हैं, और उन्होंने ही ‘दादा’ (अजित पवार) की दुर्घटना से जुड़े अहम सबूतों को मिटाया या उनके साथ छेड़छाड़ की होगी।
CVR से छेड़छाड़ और सुरक्षा में चूक के आरोप
रोहित पवार ने अपने आरोपों को दोहराते हुए कहा कि विमान के सुरक्षा मानकों के साथ खिलवाड़ किया गया था। उन्होंने दावा किया कि नियामक आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए पायलट की उड़ान के घंटों (Flying Hours) में हेरफेर किया गया। सबसे गंभीर आरोप कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डर (CVR) को लेकर है; विधायक का कहना है कि सुरक्षा में हुई चूकों को छिपाने के लिए या तो सीवीआर के साथ जानबूझकर छेड़छाड़ की गई या फिर उसे गुपचुप तरीके से बंद करवा दिया गया। उन्होंने सवाल उठाया कि जिस ‘लियरजेट 45’ विमान में पहले भी तकनीकी खराबी की खबरें आई थीं, उसे उड़ान भरने की अनुमति कैसे दी गई?
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TDP और परिसीमन का ‘परोक्ष’ कनेक्शन
रोहित पवार ने इस मामले में एक राजनीतिक एंगल भी जोड़ा है। उन्होंने कहा कि एक तरफ सीबीआई को जांच सौंपने की मांग किए दो महीने बीत चुके हैं, लेकिन औपचारिक रूप से केस हाथ में नहीं लिया गया है, वहीं दूसरी तरफ छिटपुट कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने संकेत दिया कि यह टीडीपी (TDP) सरकार के लिए केंद्र का एक परोक्ष संदेश हो सकता है। उनके अनुसार, शायद यही कारण है कि टीडीपी ने क्षेत्रीय भावनाओं को दरकिनार कर परिसीमन के मुद्दे पर केंद्र के आदेशों का पालन किया है।
अमित शाह से पारदर्शी जांच की मांग
मामले की गंभीरता को देखते हुए रोहित पवार ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और नागरिक उड्डयन मंत्री के. राममोहन नायडू को पत्र लिखकर विस्तृत जांच की मांग की है। उन्होंने स्पष्ट किया कि विमान संचालन करने वाली कंपनी के प्रबंधन में वित्तीय अनियमितताएं हैं और इस दुर्घटना के पीछे एक बड़ी साजिश की बू आ रही है। रोहित ने मांग की है कि इस ‘भ्रष्टाचार के जाल’ को तोड़ा जाए ताकि भविष्य में ऐसी किसी भी वीआईपी दुर्घटना को रोका जा सके।
