अजित पवार प्लेन क्रैश: बारामती थाने में रोहित पवार का भारी हंगामा, DGCA और VSR कंपनी पर FIR की मांग
Rohit Pawar Baramati Police Station Protest: रोहित पवार ने बारामती थाने में अजित पवार विमान हादसे पर FIR की मांग की। DGCA और VSR कंपनी पर साजिश के आरोप। पीएम मोदी को लिखा पत्र।
- Written By: अनिल सिंह
Rohit Pawar Baramati Police Station Protest (फोटो क्रेडिट-X)
Ajit Pawar Plane Crash Conspiracy: मुंबई के मरीन ड्राइव पुलिस थाने के बाद अब राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (SP) के विधायक रोहित पवार ने बारामती में मोर्चा खोल दिया है। पूर्व उपमुख्यमंत्री अजित पवार की विमान दुर्घटना में हुई मौत को ‘साजिश’ करार देते हुए रोहित पवार भारी समर्थकों के साथ बारामती पुलिस स्टेशन पहुंचे। उनके साथ युगेंद्र पवार और राजेंद्र पवार भी मौजूद थे। रोहित पवार की मांग है कि इस पूरे मामले में नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) और संबंधित निजी चार्टर्ड कंपनी VSR Ventures के खिलाफ तत्काल FIR दर्ज की जाए।
थाने के बाहर और भीतर समर्थकों की भारी भीड़ के कारण हंगामे की स्थिति पैदा हो गई। रोहित पवार ने आरोप लगाया कि प्रशासन इस हाई-प्रोफाइल मामले की जांच में जानबूझकर ढिलाई बरत रहा है और दोषियों को बचाने की कोशिश की जा रही है।
DGCA की ‘सुपरफास्ट’ रिपोर्ट पर गंभीर संदेह
रोहित पवार ने बारामती थाने में दी गई अपनी शिकायत में डीजीसीए की कार्यप्रणाली पर कड़े सवाल उठाए हैं। उनका दावा है कि 28 जनवरी को जिस वक्त अजित पवार का पार्थिव शरीर पोस्टमॉर्टम के लिए अस्पताल में था, उसी समय दोपहर 1:36 बजे डीजीसीए ने एक प्रारंभिक रिपोर्ट जारी कर दी। रोहित पवार के अनुसार, उस रिपोर्ट में आनन-फानन में वीएसआर कंपनी को क्लीन चिट देते हुए कहा गया कि कंपनी के ऑडिट में कोई ‘लेवल-1 सुरक्षा कमी’ नहीं पाई गई थी। रोहित ने सवाल किया कि बिना किसी फॉरेंसिक जांच के इतनी जल्दी रिपोर्ट कैसे तैयार हो गई?
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प्रधानमंत्री मोदी को पत्र और उड्डयन मंत्री का घेराव
इस मामले की गंभीरता को देखते हुए रोहित पवार ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भी एक पत्र लिखा है। पत्र में उन्होंने केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री राममोहन नायडू और वीएसआर कंपनी के बीच कथित संबंधों की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। रोहित पवार का स्पष्ट कहना है कि जब तक जांच पूरी नहीं हो जाती, तब तक मंत्री नायडू को अपने पद से इस्तीफा दे देना चाहिए ताकि जांच प्रक्रिया पारदर्शी बनी रहे और डीजीसीए पर कोई राजनीतिक दबाव न रहे।
बारामती में भारी हंगामा और FIR की जिद
बारामती पुलिस स्टेशन पहुंचे रोहित पवार और उनके समर्थकों ने पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि वे कानूनी प्रक्रियाओं का पालन कर रहे हैं, लेकिन रोहित पवार ने साफ कर दिया है कि केवल शिकायत आवेदन (Application) से काम नहीं चलेगा। उन्होंने पुलिस से मांग की कि इस मामले में ‘गैर-इरादतन हत्या’ या साजिश की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया जाए। बारामती, जो अजित पवार का गढ़ रहा है, वहां इस विरोध प्रदर्शन ने स्थानीय राजनीति में भारी हलचल पैदा कर दी है।
