पुणे जिला परिषद (सोर्स: सोशल मीडिया)
Pune Zilla Parishad Election Polling Booths News: जिला परिषद और पंचायत समिति चुनावों के सफल संचालन के लिए जिले की 13 तहसीलों में कुल 23,114 अधिकारियों और कर्मचारियों की नियुक्ति की गई है। इंदापुर तहसील में सबसे अधिक 2,632 कर्मचारी तैनात किए गए हैं, जबकि जुन्नर में 2,411 और खेड़ में 2,216 कर्मियों को जिम्मेदारी दी गई है।
जिला परिषद और पंचायत समिति चुनाव 2026 के कामकाज के लिए जिले के 13 तहसीलों में कुल 23 हजार 114 जनशक्ति की नियुक्ति की गई है, इसके तहत बारामती तहसील में 1 हजार 945, मावल 1 हजार 612, मुलशी 1 हजार 495, शिरूर 2 हजार 190, हवेली 1 हजार 800, दौड 2 हजार 60, इंदापुर 2 हजार 632, पुरंदर 1 हजार 538, भोर 1 हजार 190, वेल्हे 450, आंबेगांव 1 हजार 575, जुन्नर 2 हजार 411 और खेड़ तहसील में 2 हजार 216 कर्मचारियों को चुनावी ड्यूटी सौंपी गई है।
पुणे कलेक्टर और जिला चुनाव अधिकारी जितेंद्र डूडी ने बताया कि जिले में कुल 3 हजार 605 मतदान केंद्र स्थापित किए गए हैं, जिनमें बारामती तहसील में 299, मावल 243, मुलशी 227, शिरूर 337, हवेली 263, दौंड 317, इंदापुर 400, पुरंदर 235, भोर 237, वेल्हे 105, आंबेगांव 239, जुन्नर 366 और खेड़ तहसीलों में 337 मतदान केंद्र शामिल हैं।
प्रशासन ने इस बार मतदाताओं की सुविधा के लिए एक विशेष पहल की है, जिसके तहत प्रत्येक तहसील में एक-एक के अनुसार कुल 13 आदर्श मतदान केंद्र और 13 महिला मतदान केंद्र (सखी बूथ) बनाए जाएंगे। चुनाव के संबंध में प्राप्त शिकायतों पर तत्काल कार्रवाई करने के लिए जिला कलेक्टर कार्यालय में जिला स्तर पर एक शिकायत निवारण कक्ष स्थापित किया गया है। जिला कलेक्टस जितेंद्र डूडी ने नागरिकों से अपील की है कि वे चुनाव संबंधी किसी भी शिकायत के लिए हेल्पलाइन नंबर 020-26123371 या टोल-फ्री नंबर 1077 पर संपर्क करें-यह कक्ष चुनाव प्रक्रिया को निष्पक्ष औस पारदर्शी बनाने के लिए निरंतर कार्य करेगा।
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पुणे ग्रामीण जिले में शाति और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए अपर जिला मजिस्ट्रेट ज्योति कदम ने 6 फरवरी से 19 फरवरी 2026 तक प्रतिबंधात्मक आदेश जारी किए है। महाराष्ट्र पुलिस अधिनियम, 1951 के तहत लागू यह आदेश जिले की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए लिया गया है। इस आदेश के अनुसार, सार्वजनिक स्थानों पर हथियार, तलवार, लाठी, विस्फोटक या किसी भी घातक वस्तु को साथ ले जाने पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। साथ ही, किसी व्यक्ति या नेता के पुतले का दहन, आपत्तिजनक नारेबाजी और उत्तेजक भाषणों पर भी रोक लगाई गई है।
धारा 37(3) के तहत पांच या अधिक व्यक्तियों के एकत्र होने और पुलिस की अनुमति के बिना सभा या जुलूस निकालने की मनाही है। यह नियम सरकारी ड्यूटी पर तैनात सशस्त्र कर्मियों पर लागू नहीं होगा, आदेश का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ धारा 135 के तहत सख्त दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।