

Gondia Bangaon Regional Water Supply Scheme: गोंदिया जिले के आमगांव व सालेकसा तहसील के 48 गांवों और कस्बों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने वाली 'बनगांव प्रादेशिक ग्रामीण जलापूर्ति योजना' पर एक बार फिर बंद होने का गंभीर खतरा मंडरा रहा है। इस योजना का क्रियान्वयन गोंदिया जिला परिषद के ग्रामीण जलापूर्ति विभाग द्वारा किया जाता है।
लाभार्थी आमगांव नगर परिषद तथा संबंधित ग्राम पंचायतों द्वारा पानी के बिल की राशि समय पर जिला परिषद के ग्रामीण जलापूर्ति विभाग में जमा नहीं कराए जाने के कारण बकाया राशि एक करोड़ रुपये से अधिक हो गई है।
दूसरी ओर, योजना के सुचारु संचालन के लिए समय पर बिजली बिल का भुगतान करने, जल शुद्धिकरण सामग्री (केमिकल्स) की खरीदी तथा योजना की देखरेख व मरम्मत करने वाली एजेंसी को भुगतान करने के लिए पर्याप्त निधि उपलब्ध नहीं हो पा रही है। इस आर्थिक तंगी के कारण यह जलापूर्ति योजना समय-समय पर बंद हो जाती है।
नागरिकों की भारी परेशानी को देखते हुए हर बार आंशिक (अधूरा) भुगतान कर योजना को कुछ दिनों के लिए पुनः शुरू तो कर दिया जाता है, लेकिन यह कोई स्थायी समाधान नहीं है। योजना के नियमित क्रियान्वयन के लिए सभी संबंधित स्थानीय निकायों द्वारा समय पर पानी के बिल का भुगतान किया जाना अत्यंत आवश्यक है।
कुछ दिनों पूर्व भी महावितरण द्वारा जल शुद्धिकरण केंद्र की विद्युत आपूर्ति (बिजली) काट दिए जाने के कारण यह योजना पूरी तरह ठप हो गई थी। बाद में जिला परिषद द्वारा कुछ राशि का भुगतान करने के बाद इसे अस्थायी रूप से दोबारा शुरू कराया गया। अब जलापूर्ति विभाग ने सभी ग्राम पंचायतों, नगर परिषद और नागरिकों से पुरजोर अपील की है कि वे जल्द से जल्द अपने बकाए पानी के बिल की राशि गोंदिया जिला परिषद में जमा कराएं; अन्यथा किसी भी समय सभी 48 गांवों की जलापूर्ति पूरी तरह बंद की जा सकती है।
अब देखना यह होगा कि संबंधित निकाय व नागरिक इस चेतावनी के बाद बकाया बिल का भुगतान करते हैं या फिर यह योजना एक बार फिर ठप हो जाती है।
आमगांव ग्रामीण जलापूर्ति उपविभाग उपविभागीय अभियंता पी. के. टेंभुर्कर ने कहा है कि "आमगांव-बनगांव प्रादेशिक नल जलापूर्ति योजना को निर्बाध रूप से जारी रखने के लिए पानी के बकाए बिल का समय पर भुगतान किया जाना बेहद आवश्यक है। संबंधित नगर परिषद, ग्राम पंचायतें व नागरिक अपनी बकाया राशि तत्काल जमा कर प्रशासन का सहयोग करें, अन्यथा नियमानुसार संबंधित क्षेत्रों की जलापूर्ति बंद करने की दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।"