Pune Water Supply: पुणे में 31 मई तक नहीं होगी पानी कटौती, महापौर ने दिए निर्देश
Pune Water Supply News Updates: पुणे में सीमित जल भंडार के बावजूद 31 मई तक पानी कटौती नहीं करने का फैसला लिया गया है। प्रशासन ने नियमित जलापूर्ति बनाए रखने के निर्देश दिए हैं।
- Written By: अपूर्वा नायक
Chhatrapati Sambhajinagar water crisis (सोर्सः फाइल फोटो)
Pune Water Supply News: आगामी मानसून को ध्यान में रखते हुए पुणे महानगरपालिका सीमा में जलापूर्ति सुचारू बनाए रखने के लिए महापौर मंजुषा नागपुरे की अध्यक्षता में महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई।
बैठक में महापौर ने प्रशासन को 31 मई तक पानी कटौती नहीं करने और नागरिकों को नियमित जलापूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। वर्तमान में शहर के डैमों में 32.80 प्रतिशत वाटर स्टॉक उपलब्ध है। बैठक में शहर के मौजूदा जल भंडार, जल शुद्धिकरण व्यवस्था, वितरण प्रणाली और संभावित जल संकट से निपटने की तैयारियों की समीक्षा की गई।
पानशेत, वरसगांव, टेमघर, खड़कवासला से जलापूर्ति
पुणे शहर को पानशेत, वरसगाव, टेमघर और खडकवासला डैमों से पानी मिलता है। वर्तमान में डैमों में 32.80 प्रतिशत वाटर स्टॉक उपलब्ध है। शहर के लिए प्रतिदिन 1560 एमएलडी पानी की आवश्यकता होती है जबकि मासिक आवश्यकता लगभग 1.65 टीएमसी है।
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महापौर ने बताया कि जल संसाधन विभाग के अनुसार यदि एक दिन छोड़कर जलापूर्ति की जाए तो लगभग 0.5 टीएमसी पानी की बचत संभव है। लेकिन फिलहाल 31 मई तक पानी कटौती नहीं करने का निर्णय लिया गया है।
इसके बाद डैमों में उपलब्ध पानी और मौसम विभाग के अनुमान के आधार पर आगे का निर्णय लिया जाएगा। भारतीय मौसम विभाग (IMD) के अनुसार इस वर्ष औसत से 92 प्रतिशत वर्षा होने की संभावना है, लेकिन बारिश में देरी हो सकती है और जुलाई के बाद अच्छी वर्षा शुरू होने का अनुमान है।
पानी के नमूनों की जांच
पानी की गुणवत्ता बनाए रखने के लिए पर्वती जलकेंद्र प्रयोगशाला में हर महीने पानी के नमूनों की जांच की जा रही है। उब्ल्यूएचओ और सीपीएचईईओ के मानकों के अनुसार जल गुणवत्ता बनाए रखी जा रही है। मानसून के दौरान बढ़ने वाली गंदगी को देखते हुए क्लोरीनेशन प्रक्रिया मजबूत की गई है और पीएसी व क्लोरीन का पर्याप्त भंडार रखा गया है।
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शहर के 17 जलशुद्धिकरण प्रकल्पों की मरम्मत, फिल्टर बेड सफाई और तकनीकी जांच पूरी कर ली गई है। समान जलापूर्ति योजना के तहत नए शामिल गांवों में जलशुद्धिकरण केंद्र, पंपिंग स्टेशन, पानी टकियां और वितरण लाइन का काम भी जारी है। जलापूर्ति व्यवस्था को आधुनिक बनाने के लिए एआई आधारित लीक डिटेक्शन, रोबोटिक कैमरा निरीक्षण, वाहन ट्रैकिंग सिस्टम और मोबाइल ऐप आधारित मॉनिटरिंग लागू की जाएगी।
