‘सनातन और हिंदू धर्म अलग हैं’, सीएम योगी के बयान पर कांग्रेस नेता हुसैन दलवाई का तीखा पलटवार
Husain Dalwai on Sanatan Dharma: कांग्रेस नेता हुसैन दलवाई ने उत्तर प्रदेश के सीएम योगी के सनातन धर्म वाले बयान पर पलटवार किया। उन्होंने हिंदू और सनातन धर्म को अलग बताया।
- Written By: अनिल सिंह
हुसैन दलवाई ने योगी आदित्यनाथ की टिप्पणी को बताया फासीवाद की राह (फोटो क्रेडिट-X)
Husain Dalwai React On Yogi Adityanath Sanatan Dharma: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा ‘सनातन धर्म’ का अपमान करने वालों की हार के दावे के बाद महाराष्ट्र की राजनीति में बयानबाजी तेज हो गई है। कांग्रेस नेता हुसैन दलवाई ने योगी आदित्यनाथ के इस बयान पर अपनी असहमति जताते हुए कहा कि सनातन धर्म को पूरे देश का धर्म मानना गलत है। उन्होंने तर्क दिया कि हिंदू धर्म और सनातन धर्म में बुनियादी अंतर है। दलवाई के मुताबिक, हिंदू धर्म की परंपरा उदार रही है, विशेषकर महाराष्ट्र के साधु-संतों की विरासत इसका प्रमाण है, जबकि सनातन धर्म की बात करने वाले जाति व्यवस्था का समर्थन करते हैं।
हुसैन दलवाई ने वैचारिक मतभेदों के साथ-साथ पश्चिम बंगाल के राजनीतिक घटनाक्रम पर भी अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि ममता बनर्जी की हार स्वाभाविक नहीं है, बल्कि उन्हें विभिन्न अनैतिक तरीकों से हराया गया है। दलवाई ने सीधे तौर पर चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर सवाल उठाए और मुख्य चुनाव आयुक्त को पद से हटाकर उनके खिलाफ जांच शुरू करने की मांग की।
ममता बनर्जी का इस्तीफा और ‘इंडिया’ गठबंधन
बंगाल में हार के बाद ममता बनर्जी के भविष्य को लेकर दलवाई ने कहा कि नैतिकता और कानून के आधार पर उन्हें मुख्यमंत्री पद छोड़ देना चाहिए। हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि विपक्षी एकजुटता के लिए राहुल गांधी का ममता बनर्जी को समर्थन देना एक सकारात्मक कदम है। उनके अनुसार, ‘इंडिया’ गठबंधन को अब और अधिक सक्रिय होकर फासीवाद के खिलाफ देशभर में संघर्ष करना होगा।
सम्बंधित ख़बरें
अशोका विहार में निगम की बड़ी कार्रवाई: 4 मंजिला इमारत जमींदोज, चुनाव के दौरान संचालित हुआ था कांग्रेस कार्यालय
भाजपा प्रदेशाध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने कांग्रेस के आरोपों का किया खंडन, कहा- सीएम की छवि धूमिल करने की कोशिश
Powerful Sanskrit Quotes: जीवन को नई दिशा देते हैं संस्कृत के ये 5 प्रेरणादायक श्लोक, जानिए इनके अर्थ
उमरिया में कांग्रेस का महा-संग्राम, SDM के नहीं पहुंचने पर भड़के कार्यकर्ता; कार्यालय का किया घेराव
ये भी पढ़ें- शिंदे से नाराज शाइना एनसी थाम सकती हैं NCP का दामन! सुनेत्रा पवार से मुलाकात के बाद तेज हुई अटकलें
संवैधानिक मूल्यों और लोकतंत्र पर खतरा
हुसैन दलवाई ने चेतावनी दी कि यदि देश की लोकतांत्रिक संस्थाएं इसी तरह काम करती रहीं, तो संविधान और लोकतंत्र का अस्तित्व खतरे में पड़ जाएगा। उन्होंने आरएसएस (RSS) और भाजपा पर फासीवाद फैलाने का आरोप लगाया। दलवाई का मानना है कि वर्तमान राजनीतिक माहौल देश को फासीवाद की ओर धकेल रहा है, जिसे रोकने के लिए सभी विपक्षी दलों का एकजुट होना अनिवार्य है।
हिंदू धर्म की उदारता का जिक्र
अपने बयान में दलवाई ने हिंदू धर्म की व्यापकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र जैसे राज्यों में हिंदू धर्म की एक समृद्ध और उदार परंपरा रही है, जहाँ साधु-संतों ने मानवता का संदेश दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि सनातन धर्म के नाम पर केवल जातिगत भेदभाव को बढ़ावा दिया जा रहा है, जो देश की समावेशी संस्कृति के खिलाफ है।
