Visapur Fort Landslide: विसापुर किले के नीचे जमींदोज हुआ पाठण गांव, देखें दिल दहला देने वाली तस्वीरें
Pathan Village Landslide Photos: पुणे के विसापुर किले के नीचे बसे पाठण गांव में भारी बारिश के बाद भीषण लैंडस्लाइड। नंदू तिकोने का घर मलबे में जमींदोज। देखें दिल दहला देने वाली तस्वीरें।
- Written By: गोरक्ष पोफली
सह्याद्री की पर्वत श्रृंखलाओं में स्थित विसापुर किले के नीचे बसा यह ऐतिहासिक पाठण गांव हमेशा से प्राकृतिक सुंदरता का केंद्र रहा है। लेकिन 6 जुलाई की सुबह भारी बारिश के कारण इसी प्रकृति का एक भयानक और रौद्र रूप देखने को मिला। ग्रामीणों ने कभी सपने में भी नहीं सोचा था कि सह्याद्री का यही नैसर्गिक परिवेश उनके लिए कालरात्रि बन जाएगा।
6 जुलाई की सुबह करीब 4 बजे, जब गांव के लोग गहरी नींद में थे, तभी अचानक एक जोरदार धमाके जैसी आवाज हुई। प्रत्यक्षदर्शी अक्षय भोसले के अनुसार, अगले ही पांच मिनट के भीतर विसापुर किले से ढही मिट्टी के नीचे नंदू तिकोने का घर पूरी तरह गायब हो गया। यह घटना इतनी अचानक हुई कि किसी को संभलने का मौका तक नहीं मिला।
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नंदू तिकोने का घर अब केवल मिट्टी और पत्थरों के ढेर के नीचे दबा हुआ एक खंडहर मात्र रह गया है। किले के ऊपर से खिसकी भारी दरड ने पूरे मकान को अपनी चपेट में ले लिया और उसे जमीनदोज कर दिया। इस हृदयविदारक दृश्य ने प्रत्यक्षदर्शियों के रोंगटे खड़े कर दिए।
नंदू तिकोने के घर के बगल में रहने वाले पंकज तिकोने के घर में उस रात परिवार के 15 सदस्य मौजूद थे। तड़के घटी इस दुर्घटना ने सभी सदस्यों के मन में गहरी धड़कन और मौत का खौफ पैदा कर दिया। अपने पड़ोसी के घर को आंखों के सामने जमींदोज होते देख गांव के अन्य परिवार भी सदमे में हैं।
प्राथमिक जानकारी के अनुसार, दुर्घटनाग्रस्त घर के सदस्य मलबे के नीचे दब गए हैं, जिन्हें खोजने का काम जारी है। स्थानीय नागरिक और प्रशासन की टीमें मलबे को हटाकर फंसे हुए लोगों को निकालने के लिए युद्ध स्तर पर प्रयास कर रही हैं। हर गुजरते मिनट के साथ मलबे के नीचे दबे लोगों के सुरक्षित होने की उम्मीदें और दुआएं की जा रही हैं।
ग्रामीणों का आरोप है कि प्रशासन की अनदेखी की वजह से गांव में बुनियादी सुविधाओं की भारी कमी है। खराब रास्तों के कारण जिस दूरी को तय करने में आधा घंटा लगना चाहिए था, वहां बचाव दल को पहुँचने में ढाई घंटे लग गए। मूलभूत सुविधाओं के अभाव ने इस संकट की घड़ी में बचाव कार्यों की चुनौती को और बढ़ा दिया है।
घटना की गंभीरता को देखते हुए मावल के तहसीलदार तुरंत घटनास्थल पर दाखिल हुए और स्थिति का जायजा लिया। जिला प्रशासन और राजस्व विभाग की टीमें स्थानीय यंत्रणाओं के साथ मिलकर राहत कार्यों में समन्वय बिठा रही हैं। प्रशासन लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है ताकि प्रभावितों को जल्द से जल्द मदद पहुंचाई जा सके।
उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार ने इस घटना पर दुख व्यक्त करते हुए बताया कि वे लगातार प्रशासन के संपर्क में हैं। पीड़ित परिवारों की मदद के लिए सरकारी मशीनरी को सक्रिय कर दिया गया है और राहत कार्यों की निरंतर समीक्षा की जा रही है। पूरा गांव अब इस दुखों के पहाड़ से उबरने के लिए सरकारी और सामाजिक सहयोग की ओर देख रहा है।
