Tolani Maritime Institute Pune Basketball Accident (फोटो क्रेडिट-X)
Tolani Maritime Institute Pune Basketball Accident: पुणे के तलेगांव दाभाडे स्थित प्रसिद्ध तोलानी मैरिटाइम इंस्टीट्यूट (TMI) से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जिसने पूरे शैक्षणिक जगत को झकझोर दिया है। कॉलेज के मैदान में बास्केटबॉल खेलते समय लोहे का भारी खंभा गिरने से 20 वर्षीय छात्र विशाल वर्मा की मौत हो गई। मूल रूप से उत्तर प्रदेश के अयोध्या के रहने वाले विशाल मरीन इंजीनियरिंग के द्वितीय वर्ष के छात्र थे। इस घटना के बाद मृतक के परिवार ने कॉलेज प्रशासन पर घोर लापरवाही का आरोप लगाते हुए इसे ‘संस्थागत हत्या’ करार दिया है।
रविवार शाम को विशाल वर्मा हमेशा की तरह मैदान में अभ्यास कर रहे थे। इसी दौरान बास्केटबॉल बोर्ड का एक भारी लोहे का खंभा अचानक उखड़ गया और सीधे विशाल के सिर पर जा गिरा। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, टक्कर इतनी जोरदार थी कि विशाल लहूलुहान होकर वहीं गिर पड़े। आरोप है कि दुर्घटना के बाद विशाल लगभग 40 मिनट तक होश में थे और मदद की गुहार लगा रहे थे, लेकिन करोड़ों की फीस लेने वाले संस्थान के पास उन्हें अस्पताल ले जाने के लिए न तो एम्बुलेंस तैयार थी और न ही कोई ड्राइवर उपलब्ध था।
विशाल के पिता बाबूराम वर्मा अपने बेटे की मौत की खबर सुनकर टूट गए हैं। उन्होंने रोते हुए बताया, “मैंने खेती-बाड़ी और भारी संघर्ष के बीच 20 लाख रुपये का कर्ज लेकर विशाल की फीस भरी थी। उसे अयोध्या से पुणे इसलिए भेजा था ताकि वह एक मरीन इंजीनियर बनकर परिवार का भविष्य संवारे, लेकिन कॉलेज की लापरवाही ने सब कुछ छीन लिया।” विशाल एक पदक विजेता खिलाड़ी और मेधावी छात्र थे, जिनसे पूरे परिवार की उम्मीदें जुड़ी थीं।
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विशाल के परिवार और साथी छात्रों का दावा है कि मैदान पर लगे लोहे के खंभे पिछले 15 वर्षों से न तो रंगे गए थे और न ही उनकी मरम्मत की गई थी। खंभों की नींव पूरी तरह जंग खा चुकी थी, जिससे यह हादसा हुआ। विशाल की बहन सुनीता वर्मा ने संस्थान की आपातकालीन सेवाओं पर सवाल उठाते हुए कहा कि इतने बड़े कॉलेज में समय पर एम्बुलेंस न मिलना शर्मनाक है। विशाल के भाई ने इस संबंध में पुलिस में लिखित शिकायत दर्ज कराई है, हालांकि परिवार का आरोप है कि अभी तक औपचारिक एफआईआर दर्ज करने में देरी की जा रही है।
इस दुखद घटना ने पुणे के प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थानों के सुरक्षा मानकों की पोल खोल दी है। सवाल उठ रहा है कि क्या खेल के मैदानों और प्रयोगशालाओं का सुरक्षा ऑडिट केवल कागजों तक सीमित है? छात्र संगठनों और विशाल के परिवार ने मांग की है कि कॉलेज प्रशासन विशाल की पूरी फीस वापस करे और परिवार के भरण-पोषण की जिम्मेदारी उठाए। साथ ही, संस्थान के जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ गैर-इरादतन हत्या का मामला दर्ज कर सख्त कार्रवाई की जाए।