

Pune Teachers Constituency Election: पुणे विभाग शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के चुनाव को लेकर महायुति में ही ठन गई है। इस सीट पर बीजेपी द्वारा दावा कर अपना उम्मीदवार उतारे जाने पर शिवसेना ने भी अपने अधिकृत उम्मीदवार के रूप में मंगेश चिवटे को मैदान में उतार दिया है।
उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के प्रमुख सिपहसालार कहे जाने वाले मंगेश चिवटे के समर्थन में एनसीपी भी उतर आयी है।
चिवटे के प्रचार के लिए आयोजित ‘विजय संकल्प सभा’ में राष्ट्रवादी कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और विधान परिषद सदस्य रामराजे नाईक निंबालकर ने उनकी उम्मीदवारी को लेकर बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि यदि महायुति में दिया गया आश्वासन पूरा नहीं होता है और राज्य स्तर पर उनकी बात नहीं मानी जाती है, तो मंगेश चिवटे को निर्दलीय चुनाव लड़ना चाहिए।
उन्होंने कहा कि फलटण की राजनीतिक पहचान ही निर्दलीय संघर्ष की रही है। रामराजे के इस बयान से मंगेश चिवटे की चुनावी रणनीति को लेकर राजनीतिक चर्चाएं तेज हो गई हैं।
सभा में श्रीमंत संजीवराजे नाईक निंबालकर ने मंगेश चिवटे की उम्मीदवारी का खुलकर समर्थन किया। उन्होंने कहा कि एकनाथ शिंदे के निर्देश और मंत्री उदय सामंत की मौजूदगी में चिवटे ने अपना नामांकन दाखिल किया है।
ऐसे में अब किसी भी परिस्थिति में पीछे हटने का सवाल नहीं है। उन्होंने कहा कि “अब माघार नहीं, मंगेश चिवटे को चुनाव जीतकर ही आना है।
”संजीवराजे ने मंगेश चिवटे की जनसेवा को उनकी ताकत बताते हुए कहा कि मुख्यमंत्री चिकित्सा सहायता कक्ष के माध्यम से उन्होंने लगातार जरूरतमंद मरीजों की मदद की है। आम लोगों की मुश्किल घड़ी में उनके साथ खड़े रहने की उनकी छवि शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र की उम्मीदवारी की प्रमुख पहचान है।
फलटण की इस सभा में रामराजे नाईक निंबालकर की मौजूदगी को राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। सभा के जरिए मंगेश चिवटे की उम्मीदवारी को राष्ट्रवादी कांग्रेस के स्थानीय नेतृत्व की ओर से भी समर्थन का संदेश दिया गया।
इससे पुणे विभाग शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के चुनाव में महायुति के भीतर स्थानीय स्तर पर समीकरणों को लेकर चर्चा और तेज हो गई है। इससे पहले पुणे में मंत्री, सांसद और शिवसेना पदाधिकारियों की मौजूदगी में मंगेश चिवटे ने शक्ति प्रदर्शन करते हुए नामांकन दाखिल किया था।
फलटण की सभा में उन्होंने भी स्पष्ट किया कि “मैं लड़ूंगा और जीतूंगा, किसी भी परिस्थिति में पीछे नहीं हटूंगा।” सभा में फलटण तालुका के शिक्षक, महायुति के पदाधिकारी, कार्यकर्ता और बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे।