पुणे रिंग रोड भूमि अधिग्रहण पर गतिरोध, खर्च को लेकर PMC-PMRDA में मतभेद; मुख्यमंत्री की बैठक में होगा निर्णय

Pune Ring Road Project: पुणे रिंग रोड परियोजना के लिए भूमि अधिग्रहण खर्च को लेकर PMC और PMRDA में सहमति नहीं बन पाई है। अंतिम निर्णय अब मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में होने वाली बैठक में लिया जाएगा।
Stalemate over Pune Ring Road Land Acquisition: Differences Between PMC and PMRDA Regarding Costs; Decision to be Taken in Chief Minister's Meeting.
Pune Municipal Corporation Dispute ( Source: Social Media )
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Pune Municipal Corporation Dispute: पुणे महानगरपालिका में शामिल किए गए 23 गांवों के कारण रिंग रोड परियोजना के भूमि अधिग्रहण को लेकर बड़ा प्रशासनिक गतिरोध पैदा हो गया है।

अधिग्रहण के लिए आवश्यक खर्च पुणे महानगर क्षेत्र विकास प्राधिकरण (पीएमआरडीए) वहन करेगा या पुणे महानगरपालिका, इस पर सहमति नहीं बनने से पूरी प्रक्रिया फिलहाल उप पाड़ी है।

इस मुद्दे पर अंतिम निर्णय अब मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में होने वाली बैठक में लिया जाएगा। पीएमआरडीए ने इनर रिंग रोड परियोजना के लिए भूमि अधिग्रहण का प्रस्ताव तैयार कर प्रशासन को सौंपा था।

इसके आधार पर जिला प्रशासन ने 11 गांवों में जमीन की माप और मूल्यांकन पूरा कर लिया है। अगले चरण में प्राधिकरण द्वारा फंड उपलब्ध कराए जाने पर सीधे खरीद (डायरेक्ट परचेज) के जरिए अधिग्रहण प्रक्रिया शुरू की जानी थी।

फंड के अभाव में अधिग्रहण की प्रक्रिया रुकी

लेकिन न्यायालयीन विवाद के चलते राज्य सरकार ने पीएमआरडीए का ड्राफ्ट डेवलपमेंट प्लान रद्द कर दिया। इसके बाद इन 23 गांवों में निर्माण सहित सभी अधिकार पुणे महानगरपालिका को सौंप दिए गए।

इस बदलाव के बाद पीएमआरडीए ने भूमि अधिग्रहण के लिए फंड देने से इनकार करते हुए यह जिम्मेदारी महापालिका पर डाल दी है। खबर है कि इस मामले को लेकर जल्द ही मुख्यमंत्री के साथ उच्च स्तरीय बैठक होने वाली है, जिसमें अंतिम निर्णय लिए जाने की संभावना जताई जा रही है। एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार यदि मुख्यमंत्री निर्देश देते हैं तो प्राधिकरण निधि उपलब्ध करा सकता है।

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