नागपुर मनपा में 'प्रोटोकॉल' पर संग्राम! हाई-प्रोफाइल बैठक से विपक्ष के नेता का नाम गायब, भड़के संजय महाकालकर

Nagpur NMC Meeting Protocol : नागपुर मनपा में प्रोटोकॉल विवाद। बैठक की सूची से विपक्ष के नेता संजय महाकालकर का नाम गायब। आयुक्त से 3 दिन में मांगा जवाब। क्या यह प्रशासनिक चूक है या राजनीति?
Row in Nagpur NMC as opposition leader Sanjay Mahalkalkar's name missing from meeting list. Protocol violation alleged. Read full report.
संजय महाकालकर (सौजन्य-सोशल मीडिया)
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Sanjay Mahalkalkar NCP: नागपुर मनपा में 4 वर्षों के प्रशासककाल के बाद सत्ता स्थापित होने पर अब दिन-प्रति दिन कोई न कोई विशेष बैठक या फिर कार्यक्रमों का आयोजन हो रहा है लेकिन आयोजन को लेकर मनपा के नियमों के अनुसार आवश्यक प्रोटोकॉल का पालन नहीं किए जाने से अब मनपा गलियारों में नया बखेड़ा खड़ा हो गया है। यहां तक कि सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच नया विवाद शुरू होने की जानकारी सूत्रों ने दी।

बताया जाता है कि मनपा अंतर्गत कई विकास और अन्य कार्यों को लेकर 29 मार्च को केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी और पालक मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले की उपस्थिति में मनपा की अहम बैठक होने जा रही है। किंतु इस महत्वपूर्ण बैठक की निमंत्रण सूची से विपक्ष के नेता का नाम हटाए जाने पर स्वयं संजय महाकालकर ने इस पर कड़ी आपत्ति जताई गई है।

दूसरी बार विपक्ष का नेता नजरअंदाज

मनपा में विपक्ष के नेता संजय महाकालकर ने मनपा आयुक्त को एक पत्र लिखकर प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए हैं। पत्र के अनुसार, 29 मार्च को शहर की विभिन्न समस्याओं और प्रस्तावित योजनाओं के संदर्भ में एक उच्च स्तरीय बैठक आयोजित की गई है। महाकालकर का आरोप है कि बैठक के लिए तैयार की गई आधिकारिक सूची में महापौर, उपमहापौर, स्थायी समिति अध्यक्ष, सत्ता पक्ष नेता और विधानमंडल के सदस्यों के नाम तो शामिल हैं लेकिन विपक्ष के नेता का नाम शामिल नहीं किया गया है।

उन्होंने इसे सीधे तौर पर 'राजशिष्टाचार' (प्रोटोकॉल) का उल्लंघन करार दिया है। उन्होंने कहा कि इसके पूर्व मनपा के बजट के लिए लोगों से सुझाव मंगाए गए जिसके लिए बोर्ड तैयार किए गए। बोर्ड पर मनपा के तमाम पदाधिकारियों के फोटो लगाए गए थे, जबकि इसमें से विपक्ष के नेता को गायब कर दिया गया।

3 दिनों में मांगा जवाब

विपक्ष के नेता ने इस चूक के लिए मनपा प्रशासन और संबंधित समिति को जिम्मेदार ठहराया है। उन्होंने आयुक्त से मांग की है कि इस प्रकार के प्रोटोकॉल उल्लंघन के मामले में प्रशासन द्वारा क्या कार्रवाई की जाएगी, इसकी विस्तृत जानकारी अगले 3 दिनों के भीतर दी जाए। इस घटना के बाद मनपा गलियारों में चर्चाएं तेज हो गई हैं कि क्या यह केवल एक प्रशासनिक चूक है या जानबूझकर किया गया बदलाव।

अब सभी की नजरें मनपा प्रशासन द्वारा दिए जाने वाले जवाब पर टिकी हैं। महानगरपालिका द्वारा जारी आधिकारिक नोटिस के अनुसार, इस बैठक में शहर से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण मुद्दों और विकास कार्यों पर विस्तृत चर्चा की जाएगी जिसमें मनपा के वरिष्ठ अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के बीच संवाद होगा।

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