संभाजीनगर: बैंक ऑफ महाराष्ट्र लीज मामले की जांच की मांग, सांसद कल्याण काले ने वित्त मंत्री को लिखा पत्र

Kalyan Kale MP Letter: जालना के सांसद डॉ. कल्याण काले ने वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को पत्र लिखकर बैंक ऑफ महाराष्ट्र के पुणे लीज सौदे में संभावित अनियमितताओं की स्वतंत्र जांच की मांग की है।
Sambhaji Nagar: Demand for Probe into Bank of Maharashtra Lease Case; MP Kalyan Kale Writes to Finance Minister
( Source: Social Media )
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Bank of Maharashtra Lease Deal: छत्रपति संभाजीनगर जालना जिले के कांग्रेस सांसद डॉ. कल्याण काले ने केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को पत्र लिखकर Bank of Maharashtra से संबंधित पुणे स्थित लीज लेनदेन में संभावित अनियमितताओं की स्वतंत्र एवं समयबद्ध जांच कराने की मांग की है।

उन्होंने इस प्रकरण को सार्वजनिक धन की सुरक्षा, पारदर्शिता तथा जवाबदेही से जुड़ा अत्यंत गंभीर विषय बताया है। सांसद काले ने अपने पत्र में उन्होंने उल्लेख किया है कि बैंक द्वारा अपने स्वामित्व वाले प्रमुख परिसर से मुख्य कार्यालय को स्थानांतरित कर बानेर-पाषाण लिंक रोड, पुणे स्थित लीज पर लिए गए परिसर में स्थानांतरित करने का निर्णय लिया गया है।

उपलब्ध जानकारी के अनुसार लगभग 1.25 लाख वर्ग फुट कार्यालयीन परिसर के लिए 15 वर्षों की लीज व्यवस्था की गई है, जिसमें कुल अनुमानित व्यय लगभग ₹1116 करोड़ (ब्याज प्रभाव सहित) होने की संभावना व्यक्त की गई है।

सांसद डॉ. कल्याण काले ने कहा कि यह निर्णय वित्तीय विवेक तथा पारदर्शिता के दृष्टिकोण से कई गंभीर प्रश्न उत्पन्न करता है, विशेषकर तब जब बैंक के पास पुणे में स्वयं की भूमि उपलब्ध है।

उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यदि बैंक अपनी भूमि पर नया भवन निर्माण करता, तो लगभग १०० करोड़ के पूंजीगत व्यय में यह संभव था, जिससे बैंक को स्थायी संपत्ति प्राप्त होती और दीर्घकालीन व्यय में उल्लेखनीय बचत होती।

उन्होंने निविदा प्रक्रिया में निर्धारित शर्तों के पालन पर भी प्रश्न उठाए हैं, जिनमें पर्याप्त पार्किंग व्यवस्था, रेरा नियमों का अनुपालन, सतत मंजिलों की उपलब्धता, कारपेट क्षेत्र का सटीक निर्धारण तथा फर्नीचर एवं फिट-आउट व्यय का औचित्य शामिल हैं।

अनियमितताओं पर उठ रहे सवाल

उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि विदेशों में निवासरत भारतीय मूल के निवेशकों द्वारा निवेश संबंधी अनियमितताओं को लेकर शिकायतें की गई है, जिन पर अपेक्षित कार्रवाई नहीं होने की बात सामने आई है। इससे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारतीय बैंकिंग प्रणाली की विश्वसनीयता प्रभावित हो सकती है।

उक्त संदर्भ में सांसद डॉ. काले ने वित्त मंत्रालय से मांग की है कि इस संपूर्ण प्रकरण की किसी उपयुक्त केंद्रीय एजेंसी द्वारा रकतंत्र एवं समयबद्ध जांच कराई जाए, वित्तीय विवेक तथा Central Vigilance Com-mission के दिशा-निर्देशों के पालन की समीक्षा की जाए तथा यदि कोई अनियमितता पाई जाती है ती संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही सुनिश्चित की जाए। उन्होंने यह भी आग्रह किया कि व्हिसल ब्लोअर की सुरक्षा सुनिश्चित करते हुए जांच के निष्कर्षों को पारदर्शी रूप से सार्वजनिक किया जाए।

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