पुणे में तेज बारिश से मनपा के सफाई दावों की खुली पोल: कोथरूड, बावधन में जलभराव से ठप हुआ यातायात

Pune Heavy Rain: पुणे में मूसलाधार बारिश से कोथरूड और बावधन समेत कई इलाकों में जलभराव। सड़कों पर जलजमाव और 7 जगह पेड़ गिरने से मनपा के नालों की सफाई के दावों पर उठे सवाल।
Heavy rain leads to waterlogging and traffic jams on Pune's roads
प्रतीकात्मक तस्वीरसोर्स- सोशल मीडिया
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Highlights

  • तेज बारिश से पुणे की सड़कों पर जलभराव और ट्रैफिक जाम।

  • कोथरूड में 10–15 जगह पानी जमा, ढोले पाटिल रोड और बावधन भी प्रभावित।

  • सात जगह पेड़ गिरे, 150–200 मनपा कर्मचारियों ने संभाला मोर्चा।

Pune Rain PMC Drainage Audit: मानसूनपूर्व तैयारियों और नालों की सफाई पर करोड़ों रुपये खर्च करने के बावजूद पुणे मनपा के दावों की हकीकत सोमवार की तेज बारिश ने सामने ला दी। कुछ ही घंटों की बारिश में शहर के कई प्रमुख रास्तों पर जलभराव हो गया। सड़कों पर पानी जमा होने से यातायात प्रभावित हुआ और वाहन चालकों को जाम का सामना करना पड़ा।

सबसे ज्यादा शिकायतें कोथरूड क्षेत्र से मिलीं, जहां 10 से 15 स्थानों पर पानी जमा होने की जानकारी सामने आईं। ढोले पाटिल रोड और बावधन में भी जलभराव की स्थिति बनी। ऐसे में नालों, ड्रेनेज लाइनों और चेंबर की सफाई पर खर्च की गई रकम तथा कामों की गुणवत्ता को लेकर सवाल उठने लगे हैं।

शहर की प्रमुख सड़कों पर यातायात प्रभावित

पिछले कुछ दिनों से बारिश थमी हुई थी, लेकिन शनिवार से पुणे शहर के अलग-अलग हिस्सों में बारिश का दौर शुरू हुआ। रविवार और सोमवार को बारिश का जोर बढ़ने से कई इलाकों में सड़कों पर पानी जमा हो

गया। कोथरूड में 10 से 15 स्थानों पर जलभराव की शिकायतें पुणे मनपा को मिलीं। इसके अलावा ढोले पाटिल रोड और बावधन में भी पानी निकासी प्रभावित हुई। सड़कों पर पानी जमा होने से वाहनों की रफ्तार धीमी पड़ गई और कुछ जगहों पर लंबी कतारें लग गईं।

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सफाई कार्यों का कब होगा ऑडिट?

हर साल मानसून से पहले नालों और ड्रेनेज लाइनों की सफाई के बड़े-बड़े दावे किए जाते हैं। इसके बावजूद बारिश होते ही सड़कों पर पानी जमा होना इन दावों की हकीकत पर सवाल खड़ा करता है। जरूरत केवल सफाई के आंकड़े जारी करने की

नहीं, बल्कि कामों की गुणवत्ता की जांच और खर्च का ऑडिट करने की है। संबंधित ठेकेदारों और अधिकारियों की जवाबदेही भी तय होनी चाहिए। आखिर नागरिकों के टैक्स से खर्च होने वाले करोड़ों रुपये का लाभ शहरवासियों को कब मिलेगा, यह सवाल एक बार फिर खड़ा हो गया है।

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सात स्थानों पर पेड़ गिरने की घटनाएं, 200 कर्मचारियों ने संभाला मोर्चा

पुणे मनपा प्रशासन का कहना है कि बारिश से पहले नालियों और ड्रेनेज लाइनों की सफाई कराई गई थी। हालांकि, बारिश के बाद पत्ते, कचरा और गाद जमा होने से नालियों के मुहाने बंद हो गए और पानी की निकासी प्रभावित हुई। सवाल यह है कि यदि सफाई का काम ठीक से हुआ था, तो पहली तेज बारिश में ही जलभराव की नौबत क्यों आई? ड्रेनेज विभाग, मुख्य विभाग और क्षेत्रीय कार्यालयों के बीच समन्वय की कमी भी

समस्या की एक वजह मानी जा रही है। एक ही काम पर हर साल लाखों-करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद हालात नहीं सुधरना कार्यों की गुणवत्ता पर सवाल खड़े करता है। बारिश के दौरान शहर में सात स्थानों पर पेड़ गिरने की घटनाएं हुई। स्थिति से निपटने के लिए मनपा के 150 से 200 कर्मचारी मैदान में उतारे गए थे। मनपा के अग्निशमन विभाग प्रमुख एवं सहायक आयुक्त गणेश सोनुने ने इसकी जानकारी दी।