91 हजार मिलियन लीटर पानी की होगी बचत, पुणे में हर गुरुवार को जलापूर्ति रहेगी बंद, लीकेज रोकना बड़ी चुनौती

Pune Water Cut: पुणे में जल संकट से निपटने के लिए मनपा ने हर गुरुवार को पूरे दिन जलापूर्ति बंद रखने का फैसला किया है। इस कदम से सालाना 91 हजार मिलियन लीटर पानी बचाने का लक्ष्य है।
Water supply in Pune will remain shut for the entire day every Thursday
पुणे पानी कटौती, प्रतीकात्मक तस्वीरसोर्स- सोशल मीडिया
Published on: 
Updated on: 

Highlights

  • पुणे में हर गुरुवार पूरे दिन पानी की सप्लाई बंद रहेगी।

  • लीकेज से 32% पानी बर्बाद, सालाना 91 हजार मिलियन लीटर बचाने का लक्ष्य।

  • जांच में 4 अवैध कनेक्शन मिले, सुधारों से रोज 7.42 लाख लीटर पानी बच रहा है।

Pune Municipal Corporation: पुणे शहर में गहराते जल संकट को देखते हुए पुणे मनपा ने पानी बचाने का अहम फैसला लिया है। दरअसल, अल-नीनो के प्रभाव से मानसून अनिश्चित बना हुआ है और पर्याप्त बारिश को लेकर असमंजस की स्थिति बनी हुई है। इसके तहत अब शहर में हर गुरुवार को पूरे दिन जलापूर्ति बंद रखी जाएगी।

मनपा का अनुमान है कि इस कदम से सालभर में लगभग 91 हजार मिलियन लीटर पानी की बचत होगी, जिससे अगले साल जुलाई के अंत तक जलापूर्ति का सुचारू रूप से नियोजन किया जा सकेगा।

पुणे शहर को रोजाना औसतन 1,750 मिलियन लीटर (एमएलडी) पानी की आपूर्ति की जाती है। सप्ताह में एक दिन जलापूर्ति बंद रहने से साल के 52 दिनों के बराबर पानी की बचत होगी। खडकवासला बांध श्रृंखला से मिलने वाले पानी का उपयोग केवल शहर की जरूरतों के लिए नहीं, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों की मांग और सिंचाई को ध्यान में रखकर भी किया जाता है।

मनपा जल संसाधन विभाग से अतिरिक्त पानी की उपलब्धता की उम्मीद कर रही है, ताकि अगस्त महीने तक जलापूर्ति सुचारू बनी रहे। जलापूर्ति विभाग के प्रमुख नंदकिशोर जगताप के अनुसार, यह योजना शहर के भविष्य को ध्यान में रखकर बेहद जरूरी है।

Water supply in Pune will remain shut for the entire day every Thursday
1311 अखंड ज्योतों से जगमगाया भवानी धाम, नागपुर के ऐतिहासिक चौकीगढ़ मंदिर में उमड़ी भक्तों की भीड़

अवैध कनेक्शन भी बढ़ा रहे प्रशासन की परेशानी

भले ही पुणे मनपा ने कटौती का ऐलान कर दिया हो, लेकिन जल वितरण व्यवस्था में लीकेज, पानी की चोरी और इसका अनावश्यक इस्तेमाल रोकना प्रशासन 'के सामने किसी बड़ी चुनौती से कम नहीं है। पुणे में कुल पानी का लगभग 32 प्रतिशत हिस्सा लीकेज के कारण बर्बाद हो जाता है। इसके अलांवा, अवैध नल कनेक्शनों के जरिए पानी की चोरी भी धड़ल्ले से हो रही है।

इस पर अंकुश लगाने के लिए मनपा ने रोबोटिक कैमरों की मदद से 322 स्थानों की जांच की, जिसमें 84 जगहों पर रुकावट, 67 स्थानों पर दूषित पानी, 4 जगहों पर लीकेज और 4 स्थानों पर अवैध कनेक्शन पकड़े गए। इन सुधारों से फिलहाल प्रतिदिन 7 लाख 42 हजार से अधिक लीटर पानी बचाया जा रहा है, लेकिन अभी भी बहुत कुछ किया जाना बाकी है।

Water supply in Pune will remain shut for the entire day every Thursday
महाराष्ट्र के 305 सूखाग्रस्त तालुकों के छात्रों को बड़ी राहत, कॉलेज नहीं वसूल सकेंगे परीक्षा शुल्क, आदेश जारी

लीकेज के कारण भारी मात्रा में पानी हो रहा बर्बाद

भले ही मनपा ने कटौती का ऐलान कर दिया हो, लेकिन जल वितरण व्यवस्था में लीकेज, पानी की चोरी और इसका अनावश्यक इस्तेमाल रोकना प्रशासन के सामने किसी बड़ी चुनौती से कम नहीं है। पुणे शहर में कुल पानी का लगभग 32 प्रतिशत हिस्सा लीकेज के कारण बर्बाद हो जाता है। इसके अलांवा, अवैध नल कनेक्शनों के जरिए पानी की चोरी भी घड़ल्ले से हो रही है।

इस पर अंकुश लगाने के लिए मनपा ने रोबोटिक कैमरों की मदद से 322 स्थानों की जांच की, जिसमें 84 जगहों पर रुकावट, 67 स्थानों पर दूषित पानी, 4 जगहों पर लीकेज और 4 स्थानों पर अवैध कनेक्शन पकडे गए। इन सुधारों से फिलहाल प्रतिदिन 7 लाख 42 हजार से अधिक लीटर पानी बचाया जा रहा है, लेकिन अभी भी बहुत कुछ किया जाना बाकी है।

Navbharat Live
navbharatlive.com