इस केमिकल की मिलावट की वजह से जहरीली हुई शराब? पुणे में मृतकों के बढ़ते आंकड़ों से सकते में सरकार
Pune Poisonous Liquor Methanol Adulteration Case 2026: पुणे जहरीली शराब कांड में बड़ा खुलासा। शराब में मिथेनॉल केमिकल की मिलावट से हुई 13 लोगों की मौत।
- Written By: अनिल सिंह
कर्नल सिंह विरखा के ठिकाने से सप्लाई हुई थी जहरीली शराब; आरोपी योगेश वानखेड़े गिरफ्तार (फोटो क्रेडिट-X)
Pune Poisonous Liquor Case: पुणे और पिंपरी-चिंचवड के विभिन्न औद्योगिक और स्लम पॉकेट्स में अवैध देसी शराब का यह काला कारोबार लंबे समय से फल-फूल रहा था, लेकिन इस बारमिथेनॉल के जानलेवा कॉकटेल ने कई हंसते-खेलते परिवारों को उजाड़ दिया है। पुलिस की प्राथमिक जांच के अनुसार, गिरफ्तार किए गए मुख्य आरोपी योगेश वानखेड़े ने अधिक मुनाफा कमाने और कम समय में शराब को तेज करने के लिए इस घातक केमिकल का इस्तेमाल किया था। वानखेड़े पहले से ही एक आदतन शराब तस्कर है और उसके खिलाफ पहले भी कई आपराधिक मामले दर्ज हैं।
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने इस घटना पर तीव्र दुख और नाराजगी व्यक्त करते हुए स्थानीय प्रशासन को आड़े हाथों लिया है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए अवैध शराब के अड्डों को पूरी तरह ध्वस्त किया जाए और पकड़े गए आरोपियों पर भारतीय न्याय संहिता की सबसे कठोर धाराओं के तहत मुकदमा चलाया जाए। मुख्यमंत्री के इन आदेशों के बाद दोनों शहरों की पुलिस और उत्पाद शुल्क विभाग की संयुक्त टीमें अब पूरे जिले में बड़े पैमाने पर कॉम्बिंग ऑपरेशन चला रही हैं।
दापोड़ी से लेकर हडपसर तक पसरा मातम, लगातार बढ़ रहा है आंकड़ा
इस जहरीली शराब का सबसे घातक असर पिंपरी-चिंचवड के दापोड़ी और फुगेवाड़ी इलाकों में देखने को मिला, जहां सबसे ज्यादा 8 नागरिकों ने तड़पकर अपनी जान गंवाई। इसके अलावा पुणे के काले पाडल में 3 और हडपसर में 2 लोगों की मौत के बाद इन क्षेत्रों में कोहराम मच गया है। स्थानीय अस्पतालों में अभी भी कई मरीजों की स्थिति बेहद नाजुक बनी हुई है, जिसके कारण मौतों का यह आंकड़ा और अधिक बढ़ने की आशंका जताई जा रही है। इस खौफनाक मंजर के बाद से दोनों शहरों के शराब पीने वाले नागरिकों में भारी दहशत फैल गई है।
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कर्नल सिंह विरखा का मुख्य ठिकाना सील, पुलिस के सामने बड़ी चुनौती
राज्य उत्पाद शुल्क विभाग (State Excise Department) के पुलिस अधीक्षक अतुल कनाडे ने इस मामले में एक और बड़ा खुलासा करते हुए बताया कि इस अवैध शराब के पूरे साम्राज्य और जखीरे के पीछे ‘कर्नल सिंह विरखा’ का हाथ है, जो इस माल का मुख्य मालिक है। विरखा के ठिकानों से ही योगेश वानखेड़े जैसे छोटे सप्लायर माल उठाते थे। अब पुलिस और एसआईटी के सामने सबसे बड़ी चुनौती यह पता लगाना है कि यह मेथनॉल युक्त जहरीली शराब पिछले दो दिनों में वास्तव में किन-किन अन्य गुप्त ठिकानों पर बेची गई है और कितने लोगों ने इसका सेवन किया है।
तीन प्रमुख ठिकानों पर छापेमारी, अवैध शराब नेटवर्क को तोड़ने की कोशिश
मुख्यमंत्री के कड़े रुख के बाद पुलिस ने अब तक कुल तीन बड़े अड्डों पर सर्जिकल स्ट्राइक करते हुए भारी मात्रा में अवैध शराब और प्रयुक्त होने वाले रसायनों को जब्त किया है। पुलिस ने मुख्य आरोपी योगेश वानखेड़े सहित इस रैकेट से जुड़े 8 अन्य लोगों को दबोच लिया है। पुलिस आयुक्तों ने आश्वासन दिया है कि इस केस की जांच के लिए फॉरेंसिक लैब की भी मदद ली जा रही है ताकि कोर्ट में आरोपियों के खिलाफमिथेनॉल मिलाने के पुख्ता वैज्ञानिक सबूत पेश किए जा सकें और उन्हें फांसी या उम्रकैद जैसी सख्त से सख्त सजा दिलाई जा सके।
