तानाजी सावंत (सौ. सोशल मीडिया )
Pune News In Hindi: पुणे महानगरपालिका चुनाव में सबसे अधिक चर्चा में रहे प्रभाग क्रमांक 37 (धनकवड़ी-कात्रज) में भारतीय जनता पार्टी ने ऐतिहासिक प्रदर्शन करते हुए चारों सीटों पर जीत दर्ज की है। इस वार्ड को चुनाव से पहले बेहद हाई-प्रोफाइल माना जा रहा था, जहां मुकाबला त्रिकोणीय था।
इस चुनावी नतीजे ने राज्य के पूर्व मंत्री तानाजी सावंत को गहरा राजनीतिक आघात दिया है। उनके पुत्र और शिवसेना (एकनाथ शिंदे गुट) के प्रत्याशी गिरिराज सावंत को करारी हार का सामना करना पड़ा। यह हार इसलिए भी अहम मानी जा रही है, क्योंकि इस सीट पर सावंत परिवार ने पूरी ताकत झोंक दी थी।
गिरिराज सावंत की जीत सुनिश्चित करने के लिए तानाजी सावंत खुद मैदान में उतरे थे। मराठा समाज का समर्थन जुटाने के लिए सघन प्रचार अभियान चलाया गया और क्षेत्र में लगातार जनसंपर्क किया गया। इसके बावजूद मतदाताओं का रुझान भाजपा की ओर बना रहा।
भाजपा के पैनल से किशोर धनकवड़े (पूर्व उपमहापौर), वर्षा तापकीर, अरुण राजवाड़े और तेजश्री बद ने निर्णायक बढ़त के साथ जीत हासिल की। स्थानीय मतदाताओं ने इन उम्मीदवारों के अनुभव, क्षेत्र में सक्रियता और संगठनात्मक पकड़ को प्राथमिकता दी।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि वार्ड 37 में भाजपा की यह जीत मजबूत संगठन, जमीनी काम और स्थानीय मुद्दों पर पकड़ का नतीजा है। दूसरी ओर, विरोधी खेमे के लिए यह परिणाम रणनीति और उम्मीदवार चयन पर आत्ममंथन का संकेत माना जा रहा है।
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इस क्लीन स्वीप को पुणे शहर की राजनीति में भाजपा की मजबूत स्थिति के संकेत के तौर पर देखा जा रहा है। आने वाले समय में यह जीत अन्य प्रभागों और भविष्य के चुनावी समीकरणों को भी प्रभावित कर सकती है।