Google-Meta की बल्ले-बल्ले! ऑनलाइन विज्ञापनों पर समानीकरण शुल्क होगा खत्म, कंपनियों को ऐसे मिलेगा फायदा

ऑनलाइन विज्ञापनों पर लगने वाले समानीकरण शुल्क को 1 अप्रैल से खत्म किया जाएगा। ऐसे में Google-Meta और एक्स जैसे कंपनियों को फायदा मिलने वाला है। इस बदलाव को लेकर एक्सपर्ट ने अपनी राय रखी है।
Google-Meta की बल्ले-बल्ले! ऑनलाइन विज्ञापनों पर समानीकरण शुल्क होगा खत्म, कंपनियों को ऐसे मिलेगा फायदा
गूगल-मेटा, फोटो - सोशल मीडिया
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नई दिल्ली : सोमवार, 24 मार्च को सरकार ने वित्त विधेयक-2025 में 59 बदलावों का प्रस्ताव रखा, जिसमें ऑनलाइन विज्ञापनों पर लगने वाला समानीकरण शुल्क (आसान भाषा में आप इसे डिजिटल टैक्स भी समझ सकते हैं।) 1 अप्रैल से हटाने की बात शामिल है। यह विधेयक अभी लोकसभा में चर्चा के लिए है। इस कदम से गूगल, एक्स और मेटा जैसे बड़े डिजिटल प्लैटफॉर्म को फायदा होगा।

विशेषज्ञों का मानना है कि यह फैसला अमेरिका को खुश करने के लिए लिया गया है। दरअसल, अमेरिका ने 2 अप्रैल से भारत पर जवाबी शुल्क लगाने की चेतावनी दी थी। समानीकरण शुल्क 1 जून 2016 से ऑनलाइन विज्ञापनों पर लगाया गया था, ताकि डिजिटल कारोबार से सरकार को ठीक-ठाक टैक्स मिल सके। वित्त राज्यमंत्री पंकज चौधरी ने ये बदलाव लोकसभा में पेश किए। पिछले साल सरकार ने ई-कॉमर्स सौदों पर 2 प्रतिशत समानीकरण शुल्क हटा दिया था, लेकिन ऑनलाइन विज्ञापनों पर 6 प्रतिशत शुल्क बना हुआ था।

क्या है एक्सपर्ट की राय

एकेम ग्लोबल के टैक्स एक्सपर्ट अमित माहेश्वरी ने कहा कि 2 प्रतिशत शुल्क को लेकर अमेरिका ने काफी नाराजगी दिखाई थी। अब अमेरिका के साथ टकराव से बचने के लिए भारत सरकार नरम रुख अपना रही है। ऑनलाइन विज्ञापनों से 6 प्रतिशत शुल्क हटाना इसी की एक कोशिश है। हालांकि, यह देखना बाकी है कि इससे अमेरिका का गुस्सा कम होगा या नहीं।

नांगिया एंडरसन एलएलपी के विश्वास पंजियार ने कहा कि समानीकरण शुल्क को पूरी तरह खत्म करना अच्छा कदम है। इससे कारोबार करने वालों का भरोसा बढ़ेगा और अमेरिका जैसे देशों की शिकायतों का भी जवाब मिलेगा। उनका कहना है कि यह शुल्क एकतरफा था, जिससे दूसरे देश नाखुश थे।

डेलॉयट इंडिया के अनिल तलरेजा ने बताया कि वित्त विधेयक-2025 के बदलाव ज्यादातर चीजों को साफ करने वाले हैं। ये कारोबारियों और बड़े व्यवसायों की उलझनों को दूर करते हैं।

कुल मिलाकर, यह फैसला डिजिटल कंपनियों के लिए राहत की खबर है। अब ऑनलाइन विज्ञापनों पर अतिरिक्त टैक्स नहीं देना पड़ेगा, जिससे उनका खर्च कम होगा। साथ ही, सरकार इस कदम से अमेरिका के साथ अपने रिश्ते भी बेहतर करना चाहती है। आने वाले दिनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या यह कोशिश कामयाब होती है और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत की स्थिति मजबूत होती है।

- भाषा इनपुट के साथ।

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