पार्थ पवार की अमेडिया कंपनी पर दर्ज होगा केस, जमीन खरीद में फर्जी कागजात के इस्तेमाल का आरोप
Pune Land Scam: उपमुख्यमंत्री अजित पवार के बेटे पार्थ पवार की अमेडिया कंपनी पर पुणे में 40 एकड़ जमीन खरीद मामले में धोखाधड़ी का आरोप है। कंपनी पर आपराधिक मामला दर्ज किया जाएगा।
- Written By: आकाश मसने
पार्थ पवार (सोर्स: सोशल मीडिया)
Parth Pawar Company Amedia FIR: उपमुख्यमंत्री अजित पवार के पुत्र पार्थ पवार और उनकी कंपनी अमेडिया आज दिनभर विवाद के केंद्र में रही। पुणे के कोरेगांव पार्क में 40 एकड़ का भूखंड खरीदने के बाद इस कंपनी पर राजनीतिक आरोपों की बाढ़ आ गई थी।
विपक्ष द्वारा गंभीर आरोप लगाए जाने के बाद, मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए अतिरिक्त मुख्य सचिव विकास खारगे की अध्यक्षता में एक समिति बनाकर जांच के आदेश दिए थे।
सह-पंजीकृत महानिरीक्षक ने दी जानकारी
अब सह-पंजीकृत महानिरीक्षक ने इस मामले पर बड़ी जानकारी दी है। उन्होंने बताया कि पार्थ पवार की अमेडिया कंपनी पर आपराधिक मामला दर्ज किया जाएगा। यह केस उन सभी लोगों पर किया जाएगा जिन्होंने शासन से धोखाधड़ी की है।
सम्बंधित ख़बरें
अभिनेत्री उषा चव्हाण के जमीन विवाद में उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की बड़ी एंट्री, TDR ट्रांजैक्शन पर लगाई रोक
नवी मुंबई में गुलाबी बहार! नेरुल के वेटलैंड्स पर उतरा हजारों फ्लेमिंगो का झुंड; देखें प्रकृति का यह नजारा
लाडकी बहीन योजना में अपात्र घोषित 70 लाख महिलाओं को मिला आखिरी मौका; दोबारा जमा कर सकेंगी दस्तावेज
संगठन सृजन अभियान के तहत कांग्रेस का बड़ा कदम, मुंबई में 7 हजार पदाधिकारी सीखेंगे राजनीति के गुर
मई 2025 में खरीदी का दस्तावेज पंजीकृत किया गया था। जांच में पाया गया कि यह लेन-देन पुराना सातबारा देकर करने का प्रयास किया गया। इसके अलावा, खरीदी करने के लिए फर्जी/झूठे दस्तावेज जोड़े गए थे।
निलंबन और वित्तीय अनियमितता
इस मामले में अनियमितताओं के चलते तत्कालीन सबरजिस्ट्रार (उप-पंजीयक) को निलंबित किया जाएगा। महाराष्ट्र राजस्व विभाग ने इस बहु-करोड़ भूमि लेनदेन में कथित अनियमितताओं के संबंध में सब-रजिस्ट्रार रवींद्र तारू को निलंबित कर दिया है।
यह भी पढ़ें:- BJP ने अबू आजमी को ‘वंदे मातरम्’ गायन में शामिल होने का दिया न्यौता, अमित साटम ने लिखा पत्र
सहनोंदणी महानिरीक्षकों ने यह भी बताया कि इस खरीद में मुद्रांक शुल्क (स्टैंप ड्यूटी) की चोरी की गई है। कंपनी से 6 करोड़ रुपये का सेस (उपकर) भरना अपेक्षित था, लेकिन वह भी भरा नहीं गया। स्टैंप ड्यूटी की रिकवरी (वसूली) की जाएगी, और इस मामले की जांच की जाएगी। स्टैंप ड्यूटी चोरी के संबंध में एक पत्र अप्रैल 2025 में प्राप्त किया गया था, जिसकी भी जांच की जाएगी।
मुख्यमंत्री ने माना मामला गंभीर
इस मामले पर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा था कि उन्होंने राजस्व विभाग, आईजीआर और लैंड रिकॉर्ड्स से सभी जानकारी मंगवाई है। उन्होंने आगे कहा कि प्राथमिक रूप से जो मुद्दे सामने आ रहे हैं, वे गंभीर हैं। उन्होंने स्पष्ट किया था कि जानकारी मिलने के बाद शासन की अगली कार्रवाई की दिशा स्पष्ट की जाएगी।
