Pune Land Record Scam News: पुणे जिले में जमीन रिकॉर्ड में कथित हेरफेर के मामलों को लेकर राज्य सरकार ने कड़ा रुख अपनाया है। महाराष्ट्र भूमि राजस्व अधिनियम 1966 की धारा 155 के दुरुपयोग से जुड़े प्रकरणों में 152 राजस्व अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की प्रक्रिया अंतिम चरण में है।
मंत्रालय स्तर पर इन अधिकारियों की सूची को अंतिम रूप दिया जा रहा है। अधिकारियों के खिलाफ निलंबन, तबादला और विभागीय जांच जैसी कड़ी कार्रवाई जल्द शुरू होने की संभावना है।
सूत्रों के अनुसार, आरोपित अधिकारियों में तत्कालीन तहसीलदार, नायब तहसीलदार और मंडल अधिकारी भी शामिल हैं। सभी मामलों का विस्तृत विवरण सरकार को सौंप दिया गया है।
जनप्रतिनिधियों की शिकायतों के आधार पर राज्य सरकार ने प्रवीण गेडाम की अध्यक्षता में जांच समिति गठित की थी। समिति ने पिछले पांच वर्षों के मामलों की गहन जांच कर अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंपी है।
जांच में सामने आया है कि कई मामलों में अधिकारियों ने अपनी अधिकार सीमा से बाहर जाकर जमीन के रिकॉर्ड में बदलाव किए। मालिकाना हक, वारिस रिकॉर्ड और जमीन के क्षेत्रफल में फेरबदल जैसे मामलों में व्यापक अनियमितताएं पाई गई हैं।
सूत्रों का यह भी कहना है कि इस प्रकरण में कुछ सेवानिवृत्त अधिकारी भी शामिल हो सकते हैं, जिनकी भूमिका की जांच की जा रही है। सरकार की इस कार्रवाई को जमीन से जुड़े मामलों में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।