पार्थ पवार (सोर्स: सोशल मीडिया)
Amedia Company Stamp Duty Fine: महाराष्ट्र की राजनीति और रियल एस्टेट गलियारों से जुड़ी एक बड़ी खबर सामने आ रही है। पुणे के मुंढवा स्थित सरकारी जमीन के लेन-देन में कथित अनियमितताओं को लेकर पार्थ पवार की कंपनी ‘अमेडिया’ (Amedia) पर शिकंजा कसता जा रहा है। स्टाम्प शुल्क की चोरी और बकाया राशि के भुगतान के मामले में रजिस्ट्रेशन विभाग ने अब अगली सुनवाई के लिए 16 मार्च की तारीख तय की है।
मुंढवा स्थित ‘बॉटनिकल सर्वे ऑफ इंडिया’ की बेशकीमती जमीन के सौदे में अमेडिया कंपनी द्वारा स्टाम्प शुल्क बकाया रखने का मामला सामने आया था। सह-जिला निबंधक कार्यालय की जांच में पाया गया कि कंपनी ने पंजीकरण के दौरान उचित शुल्क का भुगतान नहीं किया। इसके बाद विभाग ने कंपनी को 7 प्रतिशत स्टाम्प शुल्क यानी 21 करोड़ रुपये और पंजीकरण की तारीख (20 मई) से अब तक 1 प्रतिशत प्रतिमाह की दर से 1.47 करोड़ रुपये का जुर्माना भरने का आदेश दिया था।
प्रशासन ने कुल 22.47 करोड़ रुपये जमा करने के लिए कंपनी को दो महीने का समय दिया था, जिसकी समयसीमा 12 फरवरी को ही समाप्त हो चुकी है। इसके बाद हुई सुनवाई में कंपनी के वकीलों ने दस्तावेजों की कमी का हवाला देते हुए अतिरिक्त समय की मांग की थी।
विभाग ने पहले 15 दिन की मोहलत दी थी, जिसकी सुनवाई 3 मार्च को हुई। हालांकि, कंपनी की ओर से फिर से समय मांगा गया। चूंकि यह मामला अर्ध-न्यायिक प्रकृति का है, इसलिए ‘प्राकृतिक न्याय’ के सिद्धांतों का पालन करते हुए प्रशासन ने अंतिम बार दो सप्ताह का समय देते हुए अगली तारीख 16 मार्च मुकर्रर की है।
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रजिस्ट्रेशन विभाग के अधिकारियों ने स्पष्ट कर दिया है कि यदि निर्धारित समय के भीतर बकाया राशि और जुर्माना जमा नहीं किया गया, तो विभाग जबरन वसूली की प्रक्रिया शुरू करेगा। इसमें कंपनी की संपत्तियों की कुर्की या अन्य कानूनी कदम शामिल हो सकते हैं। गौरतलब है कि हर बीतते महीने के साथ जुर्माने की राशि 1% के हिसाब से बढ़ती जा रही है, जो कंपनी के लिए एक बड़ा आर्थिक बोझ साबित हो रहा है।