

Pune News: पुणे में खेडकर परिवार के घर हुई एक अजीब और गंभीर चोरी की घटना सामने आई है। आरोप है कि घर के एक नौकर ने दिलीप खेडकर और मनोरमा खेडकर को नशीला पदार्थ देकर बेहोश कर दिया, जबकि पूजा खेडकर को बांधकर घर से सामान लूट लिया। इस मामले की जांच पुणे पुलिस ने शुरू कर दी है।
IAS पद से बर्खास्त की गई डॉक्टर पूजा खेडकर ने चतुश्रृंगी पुलिस थाने को फोन कर मंगलवार रात पुणे स्थित अपने घर में हुई चोरी की जानकारी दी। पुणे के बानेर रोड पर खेडकर परिवार का एक बंगला है, जहां परिवार के सदस्य और कई नौकर रहते हैं। पुलिस के अनुसार, इनमें से एक नौकर करीब आठ दिन पहले नेपाल से आया था। आरोप है कि इसी नौकर ने मंगलवार रात दिलीप और मनोरमा खेडकर को नशीला पदार्थ देकर बेहोश कर दिया और उन्हें बांध दिया।
इसके बाद उसने पूजा खेडकर को भी बांधा और घर से सभी के मोबाइल फोन लेकर फरार हो गया। पूजा खेडकर ने पुलिस को बताया कि बंधी हुई हालत में उन्होंने दरवाजे के हैंडल की मदद से खुद को किसी तरह मुक्त किया और दूसरे फोन से पुलिस को सूचना दी।
सूचना मिलते ही चार पहिया वाहन से पुलिस टीम खेडकर के घर पहुंची। दिलीप और मनोरमा खेडकर बेहोशी की हालत में मिले, जिन्हें तुरंत एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। पुलिस के अनुसार, दोनों की हालत फिलहाल स्थिर है।
पूजा खेडकर ने पुलिस को बताया कि मोबाइल फोन चोरी हुए हैं, हालांकि अभी तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि घर से और कौन-कौन सा सामान गायब है। पूजा खेडकर ने अभी लिखित शिकायत दर्ज नहीं कराई है। उन्होंने पुलिस को बताया है कि मानसिक स्थिति सामान्य होने के बाद वह औपचारिक शिकायत दर्ज कराएंगी।
गौरतलब है कि पूजा खेडकर पर UPSC परीक्षा में OBC और दिव्यांग कोटे का गलत इस्तेमाल कर अतिरिक्त प्रयास (Attempts) प्राप्त करने और दस्तावेजों में हेरफेर करने के आरोप हैं। दिल्ली हाई कोर्ट ने 23 दिसंबर 2024 को उनकी अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी थी और मामले में “बड़ी साजिश” की बात कही थी। UPSC ने पूजा खेडकर की उम्मीदवारी रद्द कर दी है और उन्हें भविष्य की सभी परीक्षाओं से प्रतिबंधित कर दिया है। हालांकि, पूजा खेडकर ने अपने ऊपर लगे सभी आरोपों से इनकार किया है।