खड़कवासला डैम (सौ. सोशल मीडिया )
Pune Khadakwasla Dam Water Storage: शहर की प्यास बुझाने वाली खडकवासला बांध श्रृंखला से पुणेकरों के लिए राहत भरी खबर है।
वर्तमान आंकड़ों के अनुसार, डैम श्रृंखला में पानी की उपलब्धता पिछले वर्ष की तुलना में बेहतर है। ऐसे में भीषण गर्मी के शुरुआती महीनों में जलसंकट की स्थिति पैदा होने की आशंका कम है।
25 फरवरी तक के आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, खडकवासला, पानशेत, वरसगांव और टेमघर डैमों में कुल 18.22 टीएमसी (हजार मिलियन क्यूबिक फीट) पानी जमा है। पिछले वर्ष इसी तारीख को यह जलसंग्रह 17.46 टीएमसी था। इस तरह, इस वर्ष पुणे के पास लगभग एक टीएमसी अतिरिक्त पानी का भंडार है, जो शहर के जल प्रबंधन के लिए एक सकारात्मक संकेत है।
पुणे शहर की मासिक पेयजल आवश्यकता लगभग 1.5 टीएमसी है। उपलब्ध भंडारण को देखते हुए जल संसाधन विभाग ने गर्मियों के लिए ‘कृषि आवर्तन’ (सिंचाई के लिए पानी छोड़ना) की योजना पर काम शुरू कर दिया है।
जल संसाधन मंत्री राधाकृष्ण विखे पाटील की मंजूरी के बाद 18 फरवरी से ग्रीष्मकालीन आवर्तन शुरू हो चुका है, जो अगले 60 दिनों तक चलेगा। इसके तहत सिंचाई के लिए लगभग 6 टीएमसी पानी छोड़ा जाना प्रस्तावित है। इसके अतिरिक्त, मई में कृषि जरूरतों के लिए 3 टीएमसी और पानी छोड़ने की योजना है। प्रशासन का मुख्य उद्देश्य पीने के पानी और खेती के बीच सटीक संतुलन बनाए रखना है।
इस वर्ष टेमघर और पानशेत डैम के जलस्तर में संतोषजनक सुधार हुआ है। विशेष रूप से टेमघर की स्थिति पिछले साल की तुलना में काफी बेहतर है। हालांकि, वरसगांव डैम के जल संग्रह में पिछले साल के मुकाबले थोड़ी कमी आई है। कुल मिलाकर, बांध श्रृंखला का सामूहिक भंडार सुरक्षित स्तर पर है। तापमान में वृद्धि को देखते हुए महानगर पालिका (पीएमसी) को अपने स्वीकृत कोटे से अधिक पानी की आवश्यकता पड़ सकती है।
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प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि वर्तमान जल भंडार को देखते हुए फिलहाल जल कटौती का कोई विचार नहीं है। हालांकि, मानसून के आगमन तक पानी सुरक्षित रखने के लिए नागरिकों से पानी का संयमित उपयोग करने की अपील की जा सकती है। वर्तमान में पुणे के लिए सुखद स्थिति यही है कि जल संग्रह का ग्राफ पिछले साल से ऊपर है।