पुणे में भूसंपादन के पेच में फंसी 710 करोड़ की कात्रज-कोंढवा रोड परियोजना, चौड़ाई घटाने के बाद भी काम ठप
Pune News: पुणे की कात्रज-कोंढवा रोड परियोजना भूसंपादन के कारण अधर में। 84 से 50 मीटर चौड़ाई घटाने के बाद भी जमीनी विवाद बरकरार, जिससे नागरिक ट्रैफिक जाम से परेशान हैं।
- Written By: रूपम सिंह
ट्रैफिक जाम (सोर्स: सोशल मीडिया)
Pune Traffic Jam News: पुणे शहर के दक्षिणी हिस्से की महत्वपूर्ण कात्रज-कोंढवा रोड चौड़ीकरण परियोजना एक बार फिर देरी का शिकार हो गई है। करीब 710 करोड़ रुपये की इस परियोजना में सबसे बड़ी बाधा ‘भूसंपादन’ (भूमि अधिग्रहण) प्रक्रिया बनी हुई है, जिसके कारण कार्य अपेक्षित गति से आगे नहीं बढ़ पा रहा है।
पुणे महानगर पालिका (पीएमसी) द्वारा इस सड़क को चौड़ा कर ट्रैफिक जाम से मुक्ति दिलाने की योजना कई वर्षों पहले बनाई गई थी, लेकिन जमीन अधिग्रहण की अड़चनों ने प्रोजेक्ट को लंबा खींच दिया है। यह मार्ग कात्रज, कोंढवा और तेजी से विकसित हो रहे आसपास के इलाकों को जोड़ता है, जहां वाहनों का दबाव अत्यधिक है।
पहले 84 मीटर थी, चौड़ाई घटाई, फिर भी पेच बरकरार
पुणे शहर परियोजना के तहत मूल रूप से सड़क की चौड़ाई 84 मीटर प्रस्तावित थी, लेकिन लागत और जमीन की उपलब्धता को देखते हुए इसे घटाकर 50 मीटर कर दिया गया। इसके बावजूद एक बड़े भू-भाग का अधिग्रहण अभी भी लंबित है, जिससे निर्माण कार्य बाधित हो रहा है।
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अधिकारियों के अनुसार, कई स्थानों पर जमीन मालिकों के साथ मुआवजे को लेकर सहमति नहीं बन पाई है। कुछ हिस्सों में ‘ट्रांसफरेबल डेवलपमेंट राइट्स’ (टीडीआर) का विकल्प दिया गया है, लेकिन इसकी प्रक्रिया भी धीमी है।
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चौड़ीकरण परियोजना 2017 में शुरू हुई थी
- पीएमसी ने इस परियोजना के लिए पहले ही करोड़ों रुपये का प्रावधान किया है और चरणबद्ध तरीके से काम शुरू भी किया है, लेकिन जहां जमीन उपलब्ध नहीं है, वहां काम पूरी तरह ठप है। यह परियोजना 2017 में शुरू हुई थी और अब तक कई बार इसकी ‘डेडलाइन’ बढ़ाई जा चुकी है।
- अधिकारियों का दावा है कि भूसंपादन पूरा होते ही काम में तेजी आएगी, जिससे दक्षिण पुणे के नागरिकों को ट्रैफिक से बड़ी राहत मिलेगी। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि सड़क की जर्जर स्थिति और भारी ट्रैफिक के कारण रोजाना जाम और दुर्घटनाओं का खतरा बना रहता है।
- परियोजना में हो रही देरी से जनता का आक्रोश बढ़ रहा है। पीएमसी का मानना है कि यह प्रोजेक्ट पूरा होने के बाद कात्रज-कोंढवा मार्ग पर यातायात सुगम होगा और क्षेत्र के विकास को नई गति मिलेगी।
