पुणे में धर्मांतरण का विवाद, जीसस इज लॉर्ड चर्च पर भाजपा नेता गोपीचंद पाडलकर के गंभीर आरोप
Pune Religious Conversion: पुणे के कालेवाड़ी इलाके में कथित धर्मांतरण रैकेट को लेकर भाजपा नेता गोपीचंद पाडलकर ने मोर्चा खोल दिया है। उन्होंने 'जीसस इज लॉर्ड' चर्च को धर्मांतरण का केंद्र बताया।
- Written By: गोरक्ष पोफली
गोपीचंद पाडलकर (सोर्स: सोशल मीडिया)
Gopichand Padalkar Statement: पुणे का कालेवाड़ी इलाका इस समय कथित धार्मिक धर्मांतरण के आरोपों के चलते चर्चा में है। भाजपा नेता गोपीचंद पाडलकर ने इस मामले में सीधे तौर पर हस्तक्षेप करते हुए गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने दावा किया कि इस क्षेत्र में एक व्यवस्थित धर्मांतरण रैकेट चलाया जा रहा है, जिसने स्थानीय लोगों के बीच चिंता पैदा कर दी है।
जीसस इज लॉर्ड चर्च पर गंभीर आरोप
कालेवाड़ी क्षेत्र का दौरा करते हुए गोपीचंद पाडलकर ने कहा, हम यहाँ इसलिए आए हैं क्योंकि यहाँ धर्मांतरण का एक बड़ा रैकेट सक्रिय है। उन्होंने विशेष रूप से एक धार्मिक स्थल का नाम लेते हुए आरोप लगाया कि जीसस इज लॉर्ड चर्च अब पश्चिमी महाराष्ट्र में धार्मिक धर्मांतरण का मुख्य केंद्र बन चुका है। पाडलकर ने प्रशासन से इस मामले में तुरंत जांच और कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
Pune, Maharashtra: On alleged cases of religious conversion in the Kalewadi area, BJP leader Gopichand Padalkar says, “We have come to the Kalewadi area because a conversion racket is being run here. The ‘Jesus is Lord’ church has become a centre of religious conversion in… pic.twitter.com/eAMtwRWsiE — IANS (@ians_india) May 3, 2026
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अपराधों और सामाजिक तनाव के बीच महाराष्ट्र
यह विवाद ऐसे समय में सामने आया है जब महाराष्ट्र पहले से ही गंभीर आपराधिक मामलों से जूझ रहा है। पुणे के नसरापुर में 4 साल की बच्ची के साथ 65 वर्षीय व्यक्ति द्वारा की गई दरिंदगी और हत्या ने पूरे जिले में आक्रोश फैला रखा है। लातूर के जलकोट में एक पिता द्वारा अपनी ही दिव्यांग बेटी के साथ किए गए अमानवीय कृत्य ने मानवीय रिश्तों को शर्मसार कर दिया है।
इन घटनाओं के बाद राज्य में शक्ति कानून को लागू करने की मांग तेज हो गई है, ताकि अपराधियों को 30 दिन के भीतर फांसी की सजा दिलाई जा सके।
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प्रशासनिक सतर्कता और जन आक्रोश
धर्मांतरण के आरोपों और बढ़ते अपराधों के कारण पुणे में कानून-व्यवस्था की स्थिति संवेदनशील बनी हुई है। जहाँ एक ओर नसरापुर कांड के आरोपी को 7 मई तक पुलिस कस्टडी में भेजा गया है, वहीं पाडलकर के बयानों के बाद कालेवाड़ी इलाके में पुलिस की निगरानी बढ़ा दी गई है। विपक्षी दल इन सभी मुद्दों पर सरकार की विफलता का आरोप लगा रहे हैं, जबकि सत्ता पक्ष कड़ी कार्रवाई का आश्वासन दे रहा है।
