5200 करोड़ का एचसीएमटीआर प्रोजेक्ट अटका, लेकिन Pune MNC ने दी बड़ी सफाई
Pune Municipal Corporation ने स्पष्ट किया कि वर्तुलाकार हाईवे (HCMTR) प्रोजेक्ट रद्द नहीं हुआ है. फंड की कमी और भूमि अधिग्रहण में देरी से काम फिलहाल स्थगित है, जल्द ही निर्माण फिर शुरू होगा।
- Written By: अपूर्वा नायक
पुणे महानगर पालिका (सोर्स: सोशल मीडिया)
Pune News In Hindi: शहर में यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाने के लिए प्रस्तावित ‘वर्तुलाकार उच्च गत्ति उन्नत राजमार्ग’ (HCMTR) प्रोजेक्ट को पुणे महानगरपालिका (मनपा) ने रद नहीं किया है। बल्कि, फिलहाल इसका काम इसलिए शुरू नहीं हुआ है, क्योंकि इसके निर्माण के लिए भारी खर्च की आवश्यकता है।
यह जानकारी पुणे महानगर पालिका के अतिरिक्त आयुक्त ओमप्रकाश दिवटे ने गुरुवार को दी। यह स्पष्टीकरण इसलिए दिया गया क्योंकि बालभारती से पौड फाटा सड़क के पास से गुजरने वाले एचसीएमटीआर मार्ग के खिलाफ पर्यावरण प्रेमियों ने विरोध किया था और अदालत में याचिका दायर की थी।
उस समय पर्यावरणविदों ने यह दावा किया था कि मनपा ने यह प्रोजेक्ट रद्द कर दिया है। अतिरिक्त आयुक्त दिवटे ने स्पष्ट किया कि शहर के विकास के लिए एचसीएमटीआर प्रोजेक्ट अत्यंत आवश्यक है, और इसे रद्द नहीं किया गया है।
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शहर के विभिन्न भागों से होकर 36 किलोमीटर लंबा एचसीएमटीआर मार्ग प्रस्तावित है। इसमें से 50 प्रतिशत भूमि मनपा के अधिकार में आ चुकी है और बाकी 50 प्रतिशत में से आधी भूमि सरकारी स्वामित्व की है, यानी केवल 25 प्रतिशत भूमि का अधिग्रहण शेष है, फंड उपलब्ध होते ही इन जमीनों का अधिग्रहण किया जाएगा, यह प्रोजेक्ट ट्रैफिक समस्या के समाधान में अहम भूमिका निभाएगा, आने वाले समय में इसे पूरा करने के लिए मनधा प्रयासरत है।
– ओमप्रकाश दिवटे, अतिरिक्त आयुक्त
मनपा की वर्तमान स्थिति
अतिरिक्त आयुक्त दिवटे ने आगे कहा कि बढ़ती आबादी, वाहनों की संख्या और ट्रैफिक जाम को देखते हुए यह प्रोजेक्ट शहर के लिए बेहद जरूरी है। मनपा ने वर्तमान में अन्य प्राथमिक परियोजनाओं को फंड उपलब्ध कराने को प्राथमिकता दी है।
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भूमि अधिग्रहण अटकने के कारण प्रोजेक्ट में देरी
- यह मार्ग शहर के एक हिस्से को दूसरे हिस्से से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। 1987 के विकास आराखड़ा (डीपी) में प्रस्तावित इस प्रोजेक्ट का काम बड़ी मात्रा में भूमि अधिग्रहण की आवश्यकता के कारण अब तक अटका हुआ है।
- महानगरपालिका ने प्रोजेक्ट में कुछ बदलाव कर आराखड़ा राज्य सरकार को भेजा था, जिसे मंजूरी मिल चुकी है।
- मनपा ने 5200 करोड़ रुपये की निविदा निकाली थी, लेकिन यह निविदा अनुमानित दर से 45 प्रतिशत अधिक होने के कारण रद्द कर दी गई थी।
फिलहाल यह प्रोजेक्ट स्थगित रखा गया है। अतिरिक्त आयुक्त दिवटे ने कहा कि भविष्य में फंड उपलब्ध होते ही इस प्रोजेक्ट पर काम शुरू किया जाएगा।
