पुणे में कर्जमाफी का संकट: ई-केवाईसी और तकनीकी अड़चनों के कारण 24,486 किसानों के 138.71 करोड़ रुपये फंसे

Karjmukti Yojana Pune: पुणे जिले में पुण्यश्लोक अहिल्यादेवी होलकर कर्जमाफी योजना के तहत ई-केवाईसी और तकनीकी अड़चनों के चलते 24,486 पात्र किसानों के 138.71 करोड़ रुपये का भुगतान अब भी लंबित है।
Loan waivers worth Rs 138.71 crore for 24,486 farmers in Pune remain stalled
पुण्यश्लोक अहिल्यादेवी होलकरसोर्स- सोशल मीडिया
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Highlights

  • पुणे में 24,486 किसानों की 138.71 करोड़ रुपये की कर्जमाफी अटकी।

  • ई-केवाईसी और तकनीकी दिक्कतों से भुगतान में देरी।

  • खेड़ तहसील में सबसे ज्यादा मामले लंबित।

Punyashlok Ahilyadevi Holkar: महाराष्ट्र सरकार की पुण्यश्लोक अहिल्यादेवी होलकर शेतकरी कर्जमुक्ति योजना के तहत कर्जमाफी की प्रक्रिया जारी है, लेकिन पुणे जिले के हजारों किसानों को अब तक इसका लाभ नहीं मिल पाया है।

ई-केवाईसी पूरी करने के बावजूद 24,486 पात्र किसानों के बैंक खातों में 138.71 करोड़ रुपये की राशि जमा नहीं हो सकी है। पुणे जिला मध्यवर्ती सहकारी बैंक के आंकड़ों के अनुसार, प्रशासनिक और तकनीकी अड़चनों के कारण भुगतान लंबित है। आर्थिक संकट से जूझ रहे किसानों को अब राहत के लिए इंतजार करना पड़ रहा है।

जिले में 81,961 किसान पात्र घोषित

कर्जमाफी के लिए पुणे जिले के कुल 1 लाख 8 हजार 30 किसानों की प्रविष्टियां ऑनलाइन पोर्टल पर अपलोड की गई थीं। इनमें से 81 हजार 961 किसानों को योजना के लिए पात्र घोषित किया गया है। पात्र किसानों में 69 हजार 680 की ई-केवाईसी प्रक्रिया पूरी हो चुकी है, जबकि 12 हजार 281 किसानों की ई-केवाईसी अब भी लंबित है।

बैंक के उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, 57 हजार 475 किसानों के खातों में 496.04 करोड़ रुपये जमा किए जा चुके हैं। वहीं, 24 हजार 486 किसानों के खातों में 138.71 करोड़ रुपये का भुगतान बाकी है।

ई-केवाईसी में आ रही हैं कई तकनीकी अड़चनें

योजना का लाभ देने की प्रक्रिया में कई तरह की तकनीकी समस्याएं सामने आ रही हैं। इनमें किसानों की फार्मर आईडी नहीं बनना, बच्चों के नाम पर कृषि भूमि दर्ज होना और जमीन का साझा स्वामित्व जैसी समस्याएं शामिल हैं। इन कारणों से कई किसानों की ई-केवाईसी पूरी नहीं हो पा रही है।

तहसीलवार आंकड़ों के अनुसार, खेड़ में सबसे अधिक 2,275 किसानों की ई-केवाईसी लंबित है। इसके बाद भोर में 1,648, मावल में 1,500, जुन्नर में 1,298 और पुरंदर में 1,135 प्रविष्टियां लंबित हैं।

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खेड़ तहसील में सबसे ज्यादा भुगतान अटका

कर्जमाफी की राशि का इंतजार कर रहे किसानों के मामलों में भी खेड़ तहसील सबसे आगे है। यहां 3,756 किसानों के बैंक खातों में राशि जमा होना बाकी है। इससे स्पष्ट है कि योजना के क्रियान्वयन में तहसील स्तर पर लंबित मामलों का निपटारा करना प्रशासन के लिए महत्वपूर्ण चुनौती बना हुआ है।

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किसानों को भुगतान का इंतजार

पुणे शहर योजना के तहत पात्र घोषित होने और आवश्यक प्रक्रिया पूरी करने के बाद भी किसानों को राशि नहीं मिलने से उनकी आर्थिक परेशानी बढ़ रही है। अब किसानों की निगाहें प्रशासन और बैंक की अगली कार्रवाई पर टिकी हैं। लंबित ई-केवाईसी और भुगतान संबंधी तकनीकी समस्याओं का समाधान होने के बाद ही प्रभावित किसानों को राहत मिलने की उम्मीद है।