पुणे में फर्जी ATC NOC पर अवैध निर्माण का आरोप, विमान सुरक्षा पर बड़ा खतरा
Pune Fake ATC NOC: पुणे में फर्जी एटीसी अनापत्ति प्रमाणपत्रों के आधार पर अवैध निर्माण का मामला सामने आया है। आरटीआई में खुलासे के बाद प्रशासन और विमान सुरक्षा पर गंभीर सवाल उठे हैं।
- Written By: अपूर्वा नायक
पुणे एयरपोर्ट (सोर्स: सोशल मीडिया)
Pune Fake ATC NOC Illegal Building Scam: पुणे में निर्माण क्षेत्र से जुड़ा एक बड़ा घोटाला सामने आया है, जहां फर्जी एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) अनापत्ति प्रमाणपत्रों के आधार पर बहुमंजिला इमारतों को मंजूरी दिए जाने के आरोप लगे हैं।
इस मामले ने प्रशासनिक पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। आरोप है कि ऊंचाई से जुड़े नियमों की अनदेखी कर निर्माण कार्य किए गए, जिससे हवाई सुरक्षा को भी खतरा पैदा हो सकता है। यह मामला खासतौर पर लोहेगांव हवाई अड्डा के आसपास के क्षेत्रों से जुड़ा बताया जा रहा है।
RTI में हुआ खुलासा
शिवसेना नेता अनंत घरत ने सूचना के अधिकार (RTI) के जरिए इस कथित घोटाले का खुलासा किया। दस्तावेजों के अनुसार, बिबवेवाड़ी और आंबेगांव में दी गई ऊंचाई अनुमति रक्षा मंत्रालय के मानकों के विपरीत पाई गई।
सम्बंधित ख़बरें
अजित पवार विमान हादसा: CID जांच में शामिल हुआ नया एंगल, रोहित पवार की Zero FIR से मचेगा हड़कंप?
नागपुर सरकारी अस्पतालों का सच: आधे मरीजों को नहीं मिलती दवाइयां, बाहर से खरीदने को मजबूर
Pune RTO ने जारी किए 5,558 इंटरनेशनल लाइसेंस, ऑनलाइन प्रक्रिया से बढ़ी सुविधा
पुणे में निजी-PPP अस्पतालों पर धोखाधड़ी के आरोप, सरकारी योजनाओं का लाभ नहीं मिल रहा
रद्द अनुमति के बाद भी जारी निर्माण
जानकारी के मुताबिक, ATC कार्यालय ने 17 नवंबर 2020 को कुछ अनुमतियां रद्द कर दी थीं, इसके बावजूद उन्हीं के आधार पर निर्माण कार्य जारी रहा। इससे अधिकारियों और बिल्डरों की मिलीभगत की आशंका जताई जा रही है।
प्रशासन पर कार्रवाई का दबाव
पुणे महानगर पालिका (PMC) के अधिकारियों की भूमिका पर भी सवाल उठाए गए हैं। 6 अप्रैल 2026 को आयुक्त को शिकायत दी गई थी, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।
ये भी पढ़ें :- Pune RTO ने जारी किए 5,558 इंटरनेशनल लाइसेंस, ऑनलाइन प्रक्रिया से बढ़ी सुविधा
आंदोलन की चेतावनी
अनंत घरत ने चेतावनी दी है कि यदि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई नहीं की गई और अवैध निर्माण को सील नहीं किया गया, तो शिवसेना उग्र आंदोलन करेगी। इस मामले ने शहर में निर्माण नियमों के पालन को लेकर नई बहस छेड़ दी है।
