

Maharashtra Fodder Production Schemee: भावित सूखे की आशंका के बीच पुणे जिला प्रशासन ने पशुधन के लिए चारे की उपलब्धता सुनिश्चित करने की तैयारी शुरू कर दी है। जिले में 22 से 25 हजार एकड़ भूमि पर हरा चारा उगाने का लक्ष्य रखा गया है, जिससे करीब 5.5 लाख टन चारा उत्पादन की उम्मीद है।
फिलहाल जिले में उपलब्ध चारा केवल तीन महीने के लिए पर्याप्त है। ऐसे में प्रशासन ने शत-प्रतिशत अनुदान पर गुणवत्तापूर्ण बीज वितरण, चारा उत्पादन बढ़ाने और वैज्ञानिक भंडारण पर जोर दिया है।
अतिरिक्त चारा उपलब्ध होने पर दूसरे सूखाग्रस्त जिलों को भी आपूर्ति की जाएगी। जिलाधिकारी जितेंद्र डूडी के मार्गदर्शन में तैयार योजना के तहत सिंचाई सुविधा वाले किसानों को उन्नत किस्म के चारे के बीज शत-प्रतिशत अनुदान पर वितरित किए जा रहे हैं।
प्रशासन का लक्ष्य समय पर बुआई और उचित देखभाल के जरिए चारा उत्पादन बढ़ाना है, ताकि संभावित सूखे के दौरान पशुपालकों को परेशानी न हो।
पुणे जिले में करीब 18.7 लाख पशुधन है। इसमें डेढ़ वर्ष से अधिक आयु के 7,24,900 बड़े मवेशी, 3,10,325 छोटे मवेशी और 8,35,589 भेड़-बकरियां शामिल है। इतने बड़े पशुधन के लिए नियमित और पौष्टिक चारा उपलब्ध कराना प्रशासन के सामने प्रमुख चुनौती है।
चारा उत्पादन, बीज वितरण, बुआई और फसलों की देखरेख की नियमित समीक्षा की जा रही है। पशुपालन विभाग के उपायुक्त डॉ. राजेश कुमार वासनिक और जिला अधीक्षक वैभव तांबे समन्वय से योजना पर काम कर रहे है। उत्पादन बढ़ने पर जिलों को जरूरत के अनुसार उपलब्ध कराया जाएगा
हरे चारे की उपलब्धता लंबे समय तक बनाए रखने के लिए साइलेज यानी मुरघास तैयार करने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। प्रत्येक पशु चिकित्सा औषधालय के अंतर्गत आने वाले 5 से 10 गांवों में किसानों और पशुपालकों के लिए व्यावहारिक प्रदर्शन तथा किसान मेलों का आयोजन होगा। इन कार्यक्रमों में ग्राम पंचायतों, जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों की भागीदारी से चारे के सुरक्षित भंडारण, उसकी पौष्टिकता बनाए रखने तथा मवेशियों को आवश्यक खनिज और पूरक पोषण देने की जानकारी दी जाएगी।
पशुपालन विभाग के उपायुक्त डॉ.राजेश कुमार वासनिक ने कहा कि जिले के पशुधन के लिए पर्याप्त चारा उपलब्ध कराना सर्वोच्च प्राथमिकता है। शत-प्रतिशत अनुदान पर बीज वितरण, मुरघास निर्माण और वैज्ञानिक प्रबंधन के जरिए 5.5 लाख टन चारा उत्पादन का लक्ष्य हासिल करने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने जरूरत पड़ने पर अन्य संकटग्रस्त जिलों को भी चारा उपलब्ध कराने का भरोसा जताया।