पुणे के किसानों को राहत, खडकवासला और उजनी समेत सात बांधों से छोड़ा गया पानी
Pune Dams Water Storage: पुणे जिले के बांधों में इस साल पिछले वर्ष की तुलना में अधिक जलसंचय दर्ज किया गया है। जल संसाधन विभाग के अनुसार किसानों को सिंचाई के लिए राहत मिली है।
- Written By: अपूर्वा नायक
खड़कवासला डैम (सौ. सोशल मीडिया )
Pune Dams Water Storage Increase Farmers Relief News: पुणे जिले के लिए राहत भरी खबर है कि इस साल बांधों में पिछले वर्ष की तुलना में अधिक जलस्तर दर्ज किया गया है।
जल संसाधन विभाग की रिपोर्ट के मुताबिक, जिले के 26 बांधों में फिलहाल 47.13 टीएमसी (23.76%) पानी शेष है, जो पिछले साल इसी अवधि में केवल 32.92 टीएमसी (16.60%) था।
इस प्रकार जलस्तर में 7.16 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। जिले के 26 बांधों की कुल क्षमता 198.34 टीएमसी है और मानसून के बाद यह भंडार 102 प्रतिशत तक भर गया था। पिछले छह महीनों के उपयोग के बाद अब करीब 23 प्रतिशत स्टॉक बचा है।
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वाष्पीकरण के कारण बढ़ेगी पानी की मांग
हालांकि, विभाग ने चेतावनी दी है कि बढ़ते तापमान और वाष्पीकरण के कारण पानी की मांग बढ़ेगी, इसलिए किसानों को जल नियोजन पर ध्यान देना चाहिए। वर्तमान में जिले के ग्रामीण क्षेत्रों, विशेषकर आंबेगांव तहसील में 50 से अधिक टैंकरों से जलापूर्ति की जा रही है।
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किसानों को मिली बड़ी राहत
गर्मी की फसलों को बचाने के लिए खडकवासला, चासकमान और उजनी सहित सात प्रमुख बांधों से पानी छोड़ना शुरू कर दिया गया है। इससे आंबेगांव, शिरूर, इंदापुर और बारामती क्षेत्रों के किसानों को काफी राहत मिली है।
किसानों का कहना है कि समय पर सिंचाई के लिए पानी मिलने से फसलों को नुकसान से बचाया जा सकेगा। हालांकि विशेषज्ञों ने भविष्य में जल संकट से बचने के लिए पानी के नियंत्रित उपयोग और दीर्घकालीन जल नियोजन पर जोर दिया है।
