Pune Contractor Kidnapping Case
Pune Contractor Kidnapping Case: महाराष्ट्र की सांस्कृतिक राजधानी पुणे में अपराध की एक ऐसी घटना सामने आई है, जिसने रोंगटे खड़े कर दिए। पुणे मेट्रो प्रोजेक्ट से जुड़े एक प्रतिष्ठित सिविल ठेकेदार का दिन-दहाड़े अपहरण कर लिया गया और उसे फिरौती के लिए एक शिपिंग कंटेनर में बंधक बनाकर रखा गया। 50 लाख रुपये के पुराने विवाद के चलते अंजाम दी गई इस वारदात ने शहर की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए थे, लेकिन खराड़ी पुलिस की मुस्तैदी और साहसिक ऑपरेशन ने अपराधियों के मंसूबों पर पानी फेर दिया। पुलिस ने फिल्मी अंदाज में अहिल्यानगर रोड पर पीछा कर कारोबारी को सुरक्षित बचा लिया।
घटना की शुरुआत 14 अप्रैल को हुई, जब आरोपी सागर ज़ुरुंगे ने कारोबारी को ‘स्टोन क्रशर प्लांट’ दिखाने के बहाने खराड़ी के एक कैफे से अपनी कार में बैठाया। पहले से परिचित होने के कारण कारोबारी को किसी खतरे का आभास नहीं हुआ, लेकिन आरोपी उसे सीधे खराड़ी टोल नाके के पास स्थित एक सुनसान जगह पर ले गए। वहां कारोबारी को एक लोहे के शिपिंग कंटेनर में बंद कर दिया गया, जहाँ पहले से मौजूद अन्य आरोपियों ने उसके साथ मारपीट की और 50 लाख रुपये की तत्काल मांग करते हुए उसे जान से मारने की धमकी दी।
अपहरणकर्ताओं ने कारोबारी के मोबाइल फोन बंद कर दिए और उसके पिता को फोन कर 50 लाख रुपये की फिरौती मांगी। आरोपियों ने सख्त लहजे में चेतावनी दी कि यदि रकम नहीं मिली, तो उनके बेटे को कभी नहीं छोड़ा जाएगा। घबराए पिता ने बिना समय गंवाए पुलिस से संपर्क किया, जिसके बाद खराड़ी पुलिस ने एक विशेष टीम गठित कर तकनीकी सर्विलांस और खुफिया नेटवर्क के जरिए संदिग्ध गाड़ी का पीछा करना शुरू किया। आरोपियों ने पुलिस को चकमा देने के लिए बीच रास्ते में गाड़ी भी बदली, लेकिन पुलिस की नजरों से बच नहीं सके।
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खराड़ी पुलिस ने अहिल्यानगर रोड पर विजय स्तंभ के पास रणनीतिक नाकाबंदी की। जब संदिग्ध कार वहां पहुँची, तो पुलिस ने उसे चारों ओर से घेर लिया। खुद को घिरता देख आरोपियों ने भागने की कोशिश की, लेकिन पुलिस ने फिल्मी अंदाज में उन्हें दबोच लिया। गाड़ी के भीतर से कारोबारी को सुरक्षित बाहर निकाला गया, जो काफी डरा हुआ और चोटिल था। पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई ने न केवल एक जान बचाई, बल्कि शहर में बढ़ते संगठित अपराध के खिलाफ एक कड़ा संदेश भी दिया।
इस मामले में पुलिस ने लोणीकंद और तुलापुर के निवासी सागर ज़ुरुंगे, विजय वालुंज, राजू सहाणे, रूपेश गावड़े और प्रकाश राउत को गिरफ्तार किया है। इन सभी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं के तहत अपहरण, जबरन वसूली और मारपीट का मामला दर्ज किया गया है। प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आई है कि आरोपी ज़ुरुंगे सामग्री की सप्लाई करता था और भुगतान को लेकर विवाद चल रहा था। पुलिस अब यह जांच कर रही है कि क्या इस गिरोह ने पहले भी इस तरह के ‘कंटेनर टॉर्चर’ वाली वारदातों को अंजाम दिया है।