राजेंद्र भारती को दिल्ली हाईकोर्ट से बड़ा झटका; 14 जुलाई तक टली सुनवाई, उपचुनाव का रास्ता साफ?
Rajendra Bharti Case High Court: बैंक फ्रॉड मामले में विधायकी गंवा चुके दतिया के पूर्व कांग्रेस विधायक राजेंद्र भारती को बड़ा झटका लगा। दिल्ली हाईकोर्ट में सुनवाई 14 जुलाई तक टल गई है।
- Reported By: सुधीर दंडोतिया | Edited By: सजल रघुवंशी
राजेंद्र भारती केस की 14 जुलाई को होगी सुनवाई (सोर्स- सोशल मीडिया)
Datia Congress Leader Rajendra Bharti Case: बैंक फ्रॉड मामले में सजा मिलने के बाद विधायकी गंवा चुके दतिया के पूर्व कांग्रेस विधायक राजेंद्र भारती की अंतिम उम्मीदों को मंगलवार को बड़ा झटका लगा। दिल्ली हाईकोर्ट में होने वाली सुनवाई 14 जुलाई तक टल गई, जिससे भारती की राजनीतिक उम्मीदों पर लगभग विराम लग गया है।
राजेंद्र भारती ने दिल्ली की एमपी-एमएलए कोर्ट द्वारा सुनाई गई सजा के खिलाफ हाईकोर्ट में अपील दायर कर रखी है। मामले में शीघ्र सुनवाई के लिए आवेदन भी लगाया गया था। 26 मई को जस्टिस स्वर्णकांता शर्मा की अदालत में सुनवाई निर्धारित थी लेकिन प्राथमिकता वाले मामलों की सुनवाई में समय समाप्त हो जाने के कारण राजेंद्र भारती के प्रकरण सहित कई मामलों को आगे बढ़ा दिया गया।
तीसरी बार टली सुनवाई
लगातार तीसरी बार सुनवाई टलने से भारती खेमे में मायूसी का माहौल है। गौरतलब है कि, 2 अप्रैल को दिल्ली की एमपी-एमएलए कोर्ट ने बैंक फ्रॉड मामले में राजेंद्र भारती को 3 वर्ष की सजा सुनाई थी। सजा सुनते ही कानून के तहत उनकी विधानसभा सदस्यता समाप्त हो गई थी। इसके बाद विधानसभा सचिवालय ने दतिया विधानसभा सीट को रिक्त घोषित कर इसकी सूचना चुनाव आयोग को भेज दी थी।
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दतिया में उपचुनाव की तैयारी लगभग पूरी
सूत्रों के अनुसार चुनाव आयोग के निर्देश पर दतिया में उपचुनाव की तैयारियां लगभग पूरी हो चुकी हैं। दतिया कलेक्टर ने 25 मई को आयोग को रिपोर्ट भेजकर सभी व्यवस्थाएं पूर्ण होने की जानकारी दे दी है। राजनीतिक गलियारों में चर्चा तेज है कि चुनाव आयोग अब कभी भी उपचुनाव की तारीखों की घोषणा कर सकता है।
क्या कहते हैं कानूनी जानकार?
कानूनी जानकारों का मानना है कि बैंक फ्रॉड और आर्थिक अपराध जैसे गंभीर मामलों में अदालत से राहत मिलना आसान नहीं होता। ऐसे में कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व विधायक राजेंद्र भारती की राजनीतिक वापसी की संभावनाएं लगातार कमजोर होती नजर आ रही हैं।
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क्या है पूरा मामला?
दरअसल, विधायक को हुई सजा का यह मामला दतिया जिले के भूमि विकास सहकारी बैंक से जुड़ा है। यह मामला उस समय का है, जब राजेन्द्र भारती जिला सहकारी कृषि एवं ग्रामीण विकास बैंक के अध्यक्ष थे। आरोप है कि उन्होंने एक बैंक लिपिक के साथ मिलकर 10 लाख रुपये की एफडी में हेरफेर किया। एफडी की अवधि और उससे जुड़े दस्तावेजों में बदलाव कर तय समय से अधिक अवधि तक ऊंची ब्याज दर पर रकम निकालते रहने का आरोप भी उन पर लगाया गया है।
