खाकी व फर्जी पत्रकार की मिलीभगत बेनकाब: व्यवसायी से 1 करोड़ की लूट, फरार पुलिसकर्मियों की तलाश जारी

Fake Journalist Arrested: पुणे के ब्रह्मा होटल से ₹1 करोड़ की डकैती मामले में फर्जी पत्रकार आशीष तिवारी गिरफ्तार हुआ है। दो पुलिसकर्मियों को सह-आरोपी बनाया गया है, जो फिलहाल फरार हैं।
Collusion between police and a fake journalist exposed: Search underway for absconding police personnel in the case involving the robbery of ₹1 crore from a businessman.
पुणे डकैती, फर्जी पत्रकार, (सोर्स सोशल मीडिया)
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Pune One Crore Robbery Case: पुणे जिले के सिंहगढ़ रोड स्थित ब्रह्मा होटल के पास एक करोड़ रुपये की कथित डकैती के सनसनीखेज मामले में न्हावे (नहे) पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए फर्जी पत्रकार आशीष तिवारी को गिरफ्तार कर लिया है। अदालत ने आरोपी को 27 जुलाई तक पुलिस हिरासत में भेज दिया है।

मामले की जांच में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि इस वारदात में पुलिस विभाग के दो कर्मचारी भी शामिल थे। राजगढ़ पुलिस स्टेशन के अंतर्गत खेड शिवापुर पुलिस चौकी में तैनात महिला पुलिस कांस्टेबल प्रमिला शरद निकम और पुलिस नाइक अजीज जब्बार इसुब मेस्त्री को सह-आरोपी बनाया गया है। दोनों फिलहाल फरार हैं और उनकी तलाश जारी है।

पुलिस के अनुसार, शिकायतकर्ता व्यवसायी हर्षवर्धन पवार अपने साथियों के साथ कार से जा रहे थे। इसी दौरान कुछ लोगों ने खुद को पुलिसकर्मी बताते हुए उनकी गाड़ी को जबरन रुकवाया। आरोपियों ने तलाशी के नाम पर कारोबारी को अपने कब्जे में ले लिया और उनके पास मौजूद करीब एक करोड़ रुपये पर हाथ साफ करने की कोशिश की।

सीसीटीवी से खुली साजिश, फर्जी पत्रकार गिरफ्तार

जांच में सामने आया कि इस दौरान कारोबारी के एक साथी ने सूझबूझ दिखाते हुए 73.50 लाख रुपये लेकर मौके से निकलने में सफलता हासिल कर ली। वहीं हर्षवर्धन पवार को आरोपी सीधे खेड शिवापुर पुलिस चौकी ले गए। आरोप है कि चौकी के भीतर महिला पुलिस कांस्टेबल प्रमिला निकम ने फर्जी पत्रकार आशीष तिवारी की मदद से कारोबारी के बैग से 20 लाख रुपये निकाल लिए।

हालांकि आरोपियों की यह पूरी साजिश अधिक देर तक छिप नहीं सकी। चौकी के समीप स्थित एक होटल के सीसीटीवी कैमरे में पूरी घटना रिकॉर्ड हो गई। जांच के दौरान वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक संतोष जाधव ने गोपनीय रिपोर्ट तैयार की और सीसीटीवी फुटेज की जांच की। तकनीकी और परिस्थितिजन्य साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने फर्जी पत्रकार आशीष तिवारी को गिरफ्तार कर लिया।

डकैती कांड में पुलिसकर्मियों की भूमिका से मचा हड़कंप

मामले में पुलिसकर्मियों की संलिप्तता सामने आने के बाद पुणे ग्रामीण पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है। दोनों फरार पुलिसकर्मियों की गिरफ्तारी के लिए विशेष टीमें गठित की गई हैं। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि इस वारदात में अन्य लोगों की भूमिका थी या नहीं और क्या यह गिरोह पहले भी इसी तरह की घटनाओं को अंजाम दे चुका है।

जांच एजेंसियां सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल कॉल रिकॉर्ड, लोकेशन डेटा और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की मदद से पूरे घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ रही हैं। पुलिस का कहना है कि फरार आरोपियों को जल्द गिरफ्तार कर मामले का पूरा खुलासा किया जाएगा। वहीं इस घटना ने पुलिस तंत्र की कार्यप्रणाली और विभागीय जवाबदेही पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

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