पुणे में सजेगा100वां अखिल भारतीय मराठी साहित्य सम्मेलन, 2027 में 28 से 31 जनवरी तक होगा आयोजन
Marathi Literary Event: पुणे में 28-31 जनवरी 2027 को 100वां अखिल भारतीय मराठी साहित्य सम्मेलन होगा। इसका नांदी अभियान 15 अगस्त 2026 से 99 स्थलों पर शुरू होगा। पूरी रिपोर्ट यहां पढ़ें।
- Written By: केतकी मोडक
मराठी साहित्य सम्मेलन फाईल फोटो (सोर्स - सोशल मीडिया)
100th Akhil Bharatiya Marathi Sahitya Sammelan In Pune: मराठी साहित्य और संस्कृति के इतिहास में एक बेहद गौरवशाली और ऐतिहासिक पड़ाव आने वाला है। देश और दुनिया के तमाम मराठी भाषा प्रेमियों की उत्सुकता को विराम देते हुए अखिल भारतीय मराठी साहित्य महामंडल की बैठक में रविवार को सर्वसम्मति से बड़ा फैसला लिया गया है।
मराठी साहित्य जगत के ऐतिहासिक 100वें अखिल भारतीय मराठी साहित्य सम्मेलन का भव्य आयोजन 28 से 31 जनवरी 2027 के दौरान सावित्रीबाई फुले पुणे विश्वविद्यालय के विशाल परिसर में किया जाएगा। इस ऐतिहासिक 100वें आयोजन की मेजबानी का अद्वितीय गौरव पुणे को मिलना अपने आप में खास है, क्योंकि इस गौरवशाली यात्रा का पहला सम्मेलन भी इसी ऐतिहासिक नगरी में आयोजित हुआ था।
पुणे में 14वीं बार सजेगी साहित्य की महफिल
मराठी साहित्य महामंडल की बैठक के अनुसार, यह पुणे शहर में आयोजित होने वाला कुल 14वां साहित्य सम्मेलन होगा। इस बार सम्मेलन का मुख्य आयोजन महाराष्ट्र साहित्य परिषद द्वारा किया जाएगा, जबकि पूरे भव्य कार्यक्रम के जमीनी समन्वय और प्रबंधन की अहम जिम्मेदारी समर्थ युवा फाउंडेशन को सौंपी गई है।
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तय कार्यक्रम के अनुसार, 28 जनवरी 2027 को इस ऐतिहासिक शताब्दी सम्मेलन का भव्य उद्घाटन किया जाएगा। इसके बाद 29, 30 और 31 जनवरी को देश-विदेश से जुटने वाले वरिष्ठ साहित्यकारों, कवियों और विचारकों की मौजूदगी में साहित्य, कला, संस्कृति और समकालीन वैचारिक विषयों पर विभिन्न परिसंवाद, कवि सम्मेलन और बौद्धिक मंथन के कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
15 अगस्त से शुरू होगा ’99 स्थलों पर 100वें साहित्य सम्मेलन की नांदी’ महाअभियान
इस 100वें महा-सम्मेलन के उपलक्ष्य को पूरे महाराष्ट्र राज्य में एक उत्सव की तरह मनाने के लिए महामंडल ने एक अनूठा फैसला लिया है। इसके तहत राज्यभर में ’99 स्थलों पर 100वें साहित्य सम्मेलन की नांदी’ नामक एक विशेष और व्यापक सांस्कृतिक अभियान चलाया जाएगा।
यह अभियान 15 अगस्त 2026 से शुरू होकर 15 जनवरी 2027 तक लगातार चलेगा। इसके अंतर्गत महाराष्ट्र के उन सभी अलग-अलग शहरों और कस्बों में विशेष साहित्यिक व सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, जहां इतिहास में अब तक पिछले 99 साहित्य सम्मेलन सफलतापूर्वक संपन्न हो चुके हैं। इसके जरिए राज्य के कोने-कोने में मराठी साहित्य की अलख जगाई जाएगी।
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अध्यक्ष और स्वागताध्यक्ष के नामों की घोषणा चरणबद्ध तरीके से होगी
आयोजकों ने डिजिटल मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि इस 100वें सम्मेलन के गरिमामयी पद जैसे सम्मेलनाध्यक्ष, स्वागताध्यक्ष और मुख्य उद्घाटक के नामों पर विचार विमर्श चल रहा है और जल्द ही इनके नाम चरणबद्ध तरीके से घोषित किए जाएंगे।
सावित्रीबाई फुले पुणे विश्वविद्यालय परिसर को चुनने की मुख्य वजह बताते हुए अधिकारियों ने कहा कि विश्वविद्यालय के पास विशाल खुला मैदान, आधुनिक सभागार और राज्यभर से आने वाले हजारों साहित्य प्रेमियों के रहने व भोजन के लिए पर्याप्त बुनियादी ढांचा और आवास व्यवस्था मौजूद है। आयोजकों का दावा है कि इस चार दिवसीय उत्सव को इतना भव्य, विविधतापूर्ण और उच्चस्तरीय बनाया जाएगा कि यह हर साहित्य प्रेमी के लिए जीवन का एक यादगार और ऐतिहासिक अनुभव बन जाएगा।
