महाराष्ट्र में डॉक्टरों की अनिश्चितकालीन हड़ताल: ठप हुई OPD सेवाएं; जानिए क्यों सड़क पर उतरे 2 लाख डॉक्टर
Maharashtra Doctors Strike: महाराष्ट्र में BHMS डॉक्टरों को एलोपैथी दवाएं लिखने की अनुमति देने वाले MMC के फैसले के खिलाफ MARD और IMA के 2 लाख से अधिक डॉक्टरों ने अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी है।
- Written By: आकाश मसने
महाराष्ट्र में डॉक्टरों की अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू (प्रतीकात्मक तस्वीर, सोर्स: सोशल मीडिया)
Maharashtra Resident Doctors Strike: महाराष्ट्र के सरकारी मेडिकल कॉलेजों और अस्पतालों के रेजिडेंट डॉक्टरों ने बुधवार से राज्यव्यापी अनिश्चितकालीन हड़ताल का बिगुल फूंक दिया है। सेंट्रल महाराष्ट्र एसोसिएशन ऑफ रेजिडेंट डॉक्टर्स (MARD) और इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA) के आह्वान पर शुरू हुई इस हड़ताल में राज्यभर के 2 लाख से अधिक एलोपैथिक डॉक्टर शामिल हैं। डॉक्टरों के अचानक काम बंद करने से मुंबई के KEM, सायन, नायर और जेजे अस्पताल समेत प्रदेशभर के अस्पतालों में आउटपेशेंट डिपार्टमेंट (OPD) सेवाएं पूरी तरह ठप हो गई हैं, जिससे मरीजों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है।
क्यों शुरू हुआ यह विवाद?
विरोध की मुख्य वजह महाराष्ट्र मेडिकल काउंसिल (MMC) द्वारा जारी 30 जून का एक नोटिफिकेशन है। इसके तहत 6 महीने का सर्टिफिकेट कोर्स इन मॉडर्न फार्माकोलॉजी (CCMP) पूरा करने वाले BHMS (होम्योपैथी) डॉक्टरों को आधुनिक यानी एलोपैथिक दवाएं लिखने और MMC में पंजीकरण कराने की अनुमति दी गई है।
एलोपैथिक डॉक्टरों का तर्क है कि एक चिकित्सा प्रणाली में प्रशिक्षित डॉक्टरों को बिना पूर्ण मेडिकल प्रशिक्षण के दूसरी प्रणाली का अभ्यास करने की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए। डॉक्टरों का कहना है कि यह चिकित्सा शिक्षा के मानकों को गिराएगा और नियामक व्यवस्था को कमजोर करेगा।
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पक्ष और विपक्ष की दलीलें
एलोपैथी पक्ष का प्रतिनिधित्व करते हुए डॉ. जयेश लेले ने सवाल उठाया कि यदि होम्योपैथी चिकित्सकों द्वारा दी गई दवाओं से मरीजों पर कोई गंभीर दुष्प्रभाव पड़ता है, तो उसकी जवाबदेही किसकी होगी? वहीं दूसरी ओर, होम्योपैथी पक्ष की ओर से बाहुबली शाह ने कहा कि इस फैसले से ग्रामीण इलाकों में डॉक्टरों की कमी को दूर करने और स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच बढ़ाने में मदद मिलेगी।
कौन-कौन संगठन हैं शामिल?
- इस राज्यव्यापी आंदोलन को कई प्रमुख चिकित्सा संगठनों का समर्थन प्राप्त है।
- इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA)
- बीएमसी मार्ड (BMC MARD)
- महाराष्ट्र स्टेट रेजिडेंट डॉक्टर्स एसोसिएशन
- एसोसिएशन ऑफ स्टेट मेडिकल इंटर्न्स
- महाराष्ट्र एसोसिएशन ऑफ गजटेड मेडिकल ऑफिसर्स (ग्रुप-ए)
- महाराष्ट्र स्टेट मेडिकल टीचर्स एसोसिएशन
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अस्पतालों में आपातकालीन सेवाएं चालू, ओपीडी ठप
हड़ताल के पहले 24 घंटों के दौरान मरीजों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए आपातकालीन और कैजुअल्टी सेवाएं चालू रखी गई हैं। हालांकि, ओपीडी, नियमित ड्यूटी, इलेक्टिव सर्जरी और शैक्षणिक गतिविधियां पूरी तरह ठप हो गई हैं।
सरकार को दिया 24 घंटे का अल्टीमेटम
MARD ने महाराष्ट्र सरकार को 24 घंटे का अल्टीमेटम देते हुए चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर ठोस फैसला नहीं लिया गया, तो वे आपातकालीन सेवाओं को भी बंद कर देंगे। डॉक्टरों की मांग है कि चूंकि यह मामला फिलहाल अदालत में लंबित है, इसलिए कोर्ट का अंतिम फैसला आने तक BHMS-CCMP डॉक्टरों के रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया को तुरंत निलंबित किया जाए।
