पुणे पुलिस (सोर्स- सोशल मीडिया) 
पुणे

पुणे पुलिस में अधिकारियों की भारी कमी, 35% पद खाली होने से नई चौकियों की योजना अटकी; बढ़ा स्टाफ पर काम का दबाव

Pune Police Staff Shortage: पुणे पुलिस में अधिकारियों के करीब 35 फीसदी पद खाली हैं, जिससे कानून-व्यवस्था प्रभावित हो रही है और 40 नई चौकियां शुरू करने का प्रस्ताव अधर में लटक गया है।

रूपम सिंह

Maharashtra Police Recruitment plan : तेजी से फैलते पुणे शहर में पुलिस व्यवस्था को मजबूत करने की योजना अधिकारियों की भारी कमी के कारण प्रभावित हो रही है। पुणे पुलिस आयुक्तालय में पुलिस उपनिरीक्षक, सहायक पुलिस निरीक्षक और पुलिस निरीक्षक स्तर के लगभग 35 प्रतिशत पद रिक्त हैं। इसका सीधा असर कानून व्यवस्था, अपराध जांच और नई पुलिस चौकियों के संचालन पर पड़ रहा है। हाल ही में पुणे पुलिस ने नागरिकों को बेहतर और त्वरित सेवाएं देने के उद्देश्य से सात नए पुलिस थाने शुरू किए हैं।

वर्तमान में आयुक्तालय के अंतर्गत 44 पुलिस थाने, एक साइबर पुलिस थाना और 110 पुलिस चौकियां कार्यरत हैं। शहर के लगातार विस्तार, बढ़ती आबादी, यातायात दबाव और बदलते अपराध स्वरूप को देखते हुए प्रत्येक पुलिस थाने के अंतर्गत कम से कम तीन पुलिस चौकियां स्थापित करने की योजना बनाई गई है। फिलहाल 23 पुलिस थाने ऐसे हैं, जहां तीन से कम चौकियां हैं। इन्हीं क्षेत्रों में 40 नई पुलिस चौकियां शुरू करने का प्रस्ताव है।

लेकिन पुलिस उपनिरीक्षक, सहायक पुणे शहर पुलिस निरीक्षक और पुलिस निरीक्षक स्तर पर बड़ी संख्या में रिक्त पद होने से इस योजना के क्रियान्वयन पर सवाल खड़े हो गए हैं। कई स्थानों पर एक ही अधिकारी को अतिरिक्त जिम्मेदारियां संभालनी पड़ रही हैं। रिक्त पदों के कारण कानून व्यवस्था बनाए रखने, अपराधों की जांच, यातायात प्रबंधन, न्यायालयीन कार्य, सुरक्षा बंदोबस्त और प्रशासनिक जिम्मेदारियों का दबाव लगातार बढ़ रहा है।

रिक्त पदों का सीधा असर

अधिकारियों की कमी का सबसे अधिक असर पुलिस थानों और चौकियों के कामकाज पर पड़ रहा है। कई स्थानों पर एक अधिकारी को अतिरिक्त प्रभार संभालना पड़ रहा है। अपराध जांच, कानून व्यवस्था, वीआईपी ड्यूटी, न्यायालयीन कार्य, त्योहारों और जुलूसों की जिम्मेदारी के कारण अधिकारियों पर काम का बोझ लगातार बढ़ रहा है। इसका असर जांच की गति, प्रतिबंधात्मक कार्रवाई और नागरिकों को मिलने वाली पुलिस सेवाओं पर भी दिखाई दे रहा है।

एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने नाम प्रकाशित न करने की शर्त पर बताया कि रिक्त पद भरने के लिए समय-समय पर पुलिस महानिदेशक कार्यालय को प्रस्ताव भेजे गए है। लेकिन अपेक्षित संख्या में अधिकारी उपलब्ध नहीं कराए गए। इसी कारण अतिरिक्त जिम्मेदारियों के साथ काम करना पड़ रहा है और इसका असर प्रशासनिक कार्यों पर भी पड़ रहा है।

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