बढ़ती आबादी और जल संकट: पिंपरी-चिंचवड़ मनपा ने रखा अतिरिक्त बजट का प्रस्ताव, बढ़ेगी निगड़ी प्लांट की क्षमता

Pimpri Chinchwad Water Supply: पिंपरी-चिंचवड़ में बढ़ती आबादी और पानी की मांग को देखते हुए मनपा ने जलापूर्ति परियोजनाओं के लिए अतिरिक्त निधि और संशोधित मंजूरियों का प्रस्ताव रखा है।
PCMC Nigdi water treatment plan
पिंपरी चिंचवड़ महानगर पालिका(सोर्स सोशल मीडिया)
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Pimpri Chinchwad Water Infrastructure Budget: पिंपरी-चिंचवड़ शहर में बढ़ती आबादी के साथ पानी की मांग भी लगातार बढ़ रही है। इसे देखते हुए महानगरपालिका ने जलापूर्ति व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में कदम उठाया है।

पिंपरी-चिंचवड़ मनपा के जलापूर्ति विभाग ने विभिन्न महत्वपूर्ण परियोजनाओं को निर्धारित समयसीमा में पूरा करने के लिए बजटीय प्रावधान बढ़ाने और संशोधित प्रशासनिक मंजूरी लेने का विस्तृत प्रस्ताव सामान्य सभा के समक्ष रखा है।

फिलहाल मनपा पवना बांध से 508 एमएलडी, आंद्रा बांध से 101 एमएलडी और भामा आसखेड़ बांध से 167 एमएलडी पानी ले रही है।आंद्रा के पानी को चिखली तक पहुंचाने का काम जारी है।

आंद्रा बांध में आरक्षित 101 एमएलडी पानी वर्तमान में निघोजे स्थित इंद्रायणी नदी के बंधारे से उठाया जा रहा है। इस पानी को भूमिगत जलवाहिनी के जरिए चिखली जलशुद्धीकरण केंद्र तक पहुंचाने का काम जारी है।

वर्ष 2026-27 के बजट में पर्याप्त प्रावधान नहीं होने के कारण जलापूर्ति विभाग ने इस कार्य के लिए 150 करोड़ रुपये की संशोधित प्रशासनिक मंजूरी और 1 करोड़ रुपये की अतिरिक्त निधि की मांग की है।

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टेल-एंड इलाकों में दबाव सुधारने की योजना

पिंपरी-चिंचवड़ शहर के अंतिम छोर यानी टेल-एंड इलाकों में पर्याप्त दबाव के साथ पानी पहुंचाने के लिए निगड़ी स्थित दुगदिवी टेकड़ी पर 16 एमएलडी क्षमता की पानी की टंकी बनाने का प्रस्ताव है। इसके लिए भी 150 करोड़ रुपये की संशोधित प्रशासनिक स्वीकृति के साथ 1 करोड़ 75 लाख रुपये की अतिरिक्त राशि मांगी गई है।

दापोड़ी और सांगवी जैसे दूर के इलाकों में निर्बाध जलापूर्ति के लिए निगड़ी सेक्टर-23 जलशुद्धीकरण केंद्र से दापोड़ी तक भूमिगत पाइपलाइन बिछाने का काम चल रहा है। इसके लिए संशोधित बजट में 10 करोड़ रुपये की वृद्धि प्रस्तावित है।

जलशुद्धीकरण क्षमता में 100 एमएलडी की बढ़ोतरी

निगड़ी जलशुद्धीकरण केंद्र के चरण 1, 2, 3 और 4 को आधुनिक तकनीक से अपग्रेड किया जा रहा है। इससे केंद्र की क्षमता में 100 एमएलडी की वृद्धि होगी।

अतिरिक्त क्षमता से पवना बंदिस्त जलवाहिनी के जरिए आने वाले पानी का प्रभावी शोधन किया जा सकेगा। इस काम के लिए 3.75 करोड़ रुपये की अतिरिक्त निधि प्रस्तावित है।

रावेत केंद्र के आधुनिकीकरण पर भी जोर

रावेत अशुद्ध जल उपसा केंद्र के चरण 1 और 2 के नवीनीकरण एवं आधुनिकीकरण के लिए 100 करोड़ रुपये की संशोधित प्रशासनिक मंजूरी और 50 लाख रुपये की अतिरिक्त निधि प्रस्तावित की गई है।

40 करोड़ की अप्रयुक्त निधि का होगा स्थानांतरण

वर्ष 2026-27 के बजट में पर्याप्त प्रावधान नहीं होने से कुछ परियोजनाओं की निविदा प्रक्रिया प्रभावित होने और भविष्य में जल संकट की आशंका जताई गई थी। इससे निपटने के लिए मनपा ने वित्तीय पुनर्गठन का प्रस्ताव रखा है।

इसके तहत लंबे समय से लंबित पवना बंदिस्त जलवाहिनी परियोजना के विशेष कोष में उपलब्ध 40 करोड़ रुपये की अप्रयुक्त निधि को दूसरे वर्तमान और नए जलापूर्ति कार्यों के लिए स्थानांतरित करने का प्रस्ताव है।

अब इन अतिरिक्त निधियों और संशोधित प्रशासनिक मंजूरियों पर सामान्य सभा के निर्णय के बाद संबंधित जलापूर्ति परियोजनाओं को आगे बढ़ाने की दिशा स्पष्ट होगी।

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